इटावा। धोरखा गांव में वायरल बुखार का प्रकोप चल रहा है। यहां घर-घर लोग बीमार पड़े हैं। स्वास्थ्य टीम ने लगातार दूसरे दिन गांव में डेरा डाल घर-घर जाकर 138 मकानों की जांच की। इसमें 11 जगह जानवरों की नाद, कूलर व फ्रिज की ट्रे में लार्वा मिला। टीम ने एंटी लार्वा का दवा का छिड़काव कर उसे नष्ट कराया। इसके अलावा गांव में 11 लोग वायरल बुखार से पीड़ित मिले। स्वास्थ्य टीम ने मरीजों को दवा का वितरण का सावधानी बरतने की सलाह दी।

मंगलवार को जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. एसएन सिंह के नेतृत्व में जिला मलेरिया निरीक्षक श्यामवीर यादव व महेवा सीएचसी की टीम ने गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। साथ ही स्वास्थ्य टीम ने एएनएम व आशा कार्यकर्ता की मदद से घर-घर जाकर पड़ताल की। इस दौरान घर में बीमार लोगों के बारे में पूछकर रिपोर्ट तैयार की। साथ ही घर के बाहर जानवरों की नाद, कूलर भरे पानी, फ्रिज के पीछे ट्रे में भरे पानी की पड़ताल की गई। इस दौरान 11 जगहों पर लार्वा मिला।

इसको टीम ने एंटी लार्वा का दवा का छिड़काव कर उसे नष्ट कराया। साथ ही 11 मरीजों में बुखार की शिकायत पाई गई। स्वास्थ्य टीम ने जांच के उन्हें दवा दी। साथ ही दिक्कत होने पर दोनों डॉक्टर का परामर्श लेकर दवा लेने की बात कही गई। डॉ. महेंद्र सिंह ने बताया कि आठ लोगों की डेंगू जांच कराई गई, जिनमें किसी में भी संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई।

मरीजों में खांसी, जुकाम और बुखार जैसी शिकायतें मिली हैं। मौसम में बदलाव के कारण इस तरह की मौसमी बीमारियां बढ़ रही हैं। उन्होंने ग्रामीणों को नियमित दवा लेने और आसपास साफ-सफाई रखने की सलाह दी। शिविर में लैब टेक्नीशियन राजेश कुमार, अमरीन जफरिन, मलेरिया टीम और आशा कार्यकर्ताओं ने सहयोग किया।

दोनों मृतकों को टीबी होने का किया दावा

मलेरिया टीम के प्रभारी डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने दोनों मृतकों की बीमारी के संबंध में परिजन से जानकारी जुटाई। उन्होंने बताया कि मृतक के बेटे भगवानदीन ने बताया उनकी मां राममूर्ति को 15-20 दिनों से खांसी की परेशानी थी। उन्हें इटावा के निजी अस्पताल में दिखाया गया था। वहां जांच के दौरान खांसी में खून आने की शिकायत सामने आई। यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। डॉक्टरों ने उन्हें टीबी से पीड़ित बताया था। वहीं, दूसरे मृतक रामनरेश की पत्नी ने बताया कि उनके पति काफी समय से टीबी से ग्रसित थे और इटावा के निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। इस दौरान उनकी मौत हो गई थी।

फोटो 26: धोरखा गांव में स्वास्थ्य शिविर में मरीजों को दवा वितरण करती टीम। संवाद

फोटो 26: धोरखा गांव में स्वास्थ्य शिविर में मरीजों को दवा वितरण करती टीम। संवाद



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