Unabashed fishing taking place in the prohibited Kharja Jhal; authorities remain oblivious.

फोटो 5: खारजा झाल के प्रतिबंधित क्षेत्र में मछलियों को पकड़ने के लिए लगाया गया जाल। संवाद

जसवंतनगर। खारजा झाल में कोर्ट की ओर से मत्स्याखेट के लिए प्रतिबंधित है। इसके बाद खारजा झाल क्षेत्र में खुलेआम मछलियों का शिकार किया जा रहा है। आरोप है कि यमुना नदी में मत्स्याखेट का ठेका लेने वाले लोग ठेके की आड़ में प्रतिबंधित क्षेत्र में दिन-रात जाल डालकर मछलियां पकड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगातार हो रहे अवैध मत्स्याखेट के बावजूद संबंधित विभागों और स्थानीय पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।


इस वर्ष यमुना नदी में मछली पकड़ने का ठेका आगरा क्षेत्र की ओर से जारी किया गया है। बॉर्डर क्षेत्र होने के कारण ठेके का बंटवारा एक-एक वर्ष के अंतराल पर आगरा और इटावा के बीच होता है। स्थानीय आलोक, मोहन, दीपक, राजू, सुभाष, बबलू, राधेश्याम, दिनेश और विवेक आदि का आरोप है कि ठेकेदार निर्धारित यमुना नदी क्षेत्र के बजाय प्रतिबंधित खारजा झाल में जाल लगाकर बड़े पैमाने पर मछलियों का शिकार कर रहे हैं।

प्रतिबंधित क्षेत्र से लगातार मछलियां पकड़कर बाजार में बेची जा रही हैं। इससे हर महीने लाखों रुपये के कारोबार का आरोप लगाया जा रहा है। सिंचाई विभाग के जिलेदार आशीष तिवारी ने बताया कि उन्हें पहले इस मामले की जानकारी नहीं थी। अब मामला संज्ञान में आया है तो जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अवैध रूप से मछली का शिकार करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कार्रवाई जाएगी।

फोटो 5: खारजा झाल के प्रतिबंधित क्षेत्र में मछलियों को पकड़ने के लिए लगाया गया जाल। संवाद

फोटो 5: खारजा झाल के प्रतिबंधित क्षेत्र में मछलियों को पकड़ने के लिए लगाया गया जाल। संवाद



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