इटावा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संयुक्त जिला अस्पताल में ईएमओ के पद पर तैनात रहे संविदा डॉ. शिवम राजपूत की सेवा समाप्ति के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है। इसमें एक मरीज की एमएलसी रिपोर्ट (मेडिको लीगल केस) में फर्जीवाड़े की शिकायत के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर हुई जांच में सीएमओ ने डॉक्टर को दोषी मानते हुए उनकी संविदा सेवा समाप्त कर दी थी। आदेश के खिलाफ डॉक्टर ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की कोर्ट में सुनवाई के दौरान डॉ. शिवम राजपूत की ओर से कहा गया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत नियुक्त कर्मचारी के खिलाफ अनियमितता के मामले में शासनादेश के तहत निर्णय लेना का अधिकार जिला स्तरीय समिति के पास होता है। समिति में डीएम, सीएमओ, वित्त विभाग के नामित अधिकारी और अस्पताल के अधीक्षक शामिल होते हैं। आरोप लगाया गया कि सेवा समाप्ति संबंधी आदेश सक्षम जिला स्तरीय समिति से पारित नहीं हुआ। कोर्ट ने मामले को विचार योग्य मानते हुए प्रतिवादियों को चार सप्ताह में प्रति-शपथपत्र दाखिल करने का समय दिया है। कहा है कि तब तक 16 जुलाई और 17 जुलाई 2026 को पारित संबंधित आदेशों का प्रभाव और क्रियान्वयन स्थगित रहेगा। मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी। डॉ. शिवम राजपूत ने बताया कि अब हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश से इस कार्रवाई के अमल पर फिलहाल रोक लग गई है।
