उरई। रेढ़र थाना क्षेत्र में करीब छह वर्ष पुराने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने दो आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव कुमार की अदालत ने तोरना निवासी चंद्रभान कुशवाहा और हसूपुरा निवासी अजय की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद 14 अगस्त 2026 को आदेश सुनाया।

23 जनवरी की रात करीब 1:30 बजे तीन युवक तमंचे लेकर एक महिला के घर में घुसे थे। आरोप है कि एक युवक बाहर पहरा देता रहा, जबकि दो युवकों ने महिला की करीब 15 वर्षीय बेटी के साथ तमंचे के बल पर छेड़खानी और दुष्कर्म किया। विरोध करने पर मारपीट और परिवार को पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया।

महिला के अनुसार घटना के बाद थाने में शिकायत के बावजूद रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक को रजिस्टर्ड डाक से प्रार्थना पत्र भेजा। कार्रवाई न होने पर चार फरवरी 2020 को विशेष पॉक्सो अदालत में धारा 156(3) सीआरपीसी के तहत प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया।

अदालत के आदेश पर रेढ़र निवासी सिद्धार्थ सिंह उर्फ कल्लू चौहान, चंद्रभान कुशवाहा और अजय के खिलाफ दुष्कर्म, छेड़खानी, मारपीट और धमकी समेत संबंधित धाराओं, पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने विवेचना के बाद सिद्धार्थ सिंह उर्फ कल्लू चौहान के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया, जबकि चंद्रभान और अजय के नाम आरोप पत्र में शामिल नहीं किए गए। इसके बाद पीड़िता पक्ष ने दोनों को मुकदमे में तलब करने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों को धारा 319 के तहत मुकदमे में तलब करने का आदेश दिया।

इसके बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों आरोपियों ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत में आवेदन किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव कुमार ने दोनों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।



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