इटावा। मथुरा में करीब पांच दिन पहले पत्नी के प्रेमी और उसके साथियों द्वारा कथित तौर पर बुरी तरह पीटे गए 45 वर्षीय मजदूर हरगोविंद की बुधवार सुबह इटावा स्थित ससुराल में मौत हो गई। परिजन ने आरोप लगाया कि मथुरा में हुई मारपीट के कारण ही उनकी मौत हुई है। हरगोविंद को मथुरा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां हालत में सुधार होने पर वह मंगलवार सुबह अपने ससुराल सिपहरी गांव लौटे थे।


हरगोविंद अहमदाबाद में मजदूरी करते थे। उनकी बेटी सेजल ने बताया कि पिता ने उसे जानकारी दी थी। पांच दिन पहले मथुरा में काम से लौटते समय छह लोगों ने उन्हें घेरकर पीटा था। हमलावर उन्हें मरा समझकर छोड़ गए थे। हरगोविंद ने शरीर पर चोटों के निशान और चाकू से हमले की बात भी बताई थी। उनकी पत्नी रंगीता करीब दो साल पहले दो बेटों के साथ अपने प्रेमी के पास चली गई थी। रंगीता ने हरगोविंद को मथुरा बुलाया था।

साढ़ू जितेंद्र कुमार और बेटी सेजल ने पत्नी के प्रेमी व उसके साथियों पर हमला और हत्या का आरोप लगाया है। बुधवार सुबह परिजनों ने हरगोविंद को मृत अवस्था में पाया था। थाना प्रभारी हाकिम सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।



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