इटावा। चीनी के दाम एक माह में तीन बार बढ़ चुके हैं। एक माह पहले 46 रुपये प्रतिकिलो मिलने वाली चीनी अभी 65 रुपये में बिक रही है। अचानक 19 रुपये की बढ़ोतरी से मध्यवर्गीय परिवारों का बजट बिगड़ गया है।
चीनी के थोक व जिला सप्लायर गौरव अग्रवाल ने बताया कि जिले में हर माह 12 हजार क्विंटल चीनी की खपत होती है। वहीं, त्योहारी सीजन में यह बढ़कर 15 से 16 हजार क्विंटल तक पहुंच जाती है। उन्होंने बताया कि चीनी मिलों के पास सीमित स्टॉक बचा है। इसलिए आपूर्ति के सापेक्ष चीनी की पूर्ति नहीं हो रही है। इसकी वजह से चीनी के दामों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि चीनी मिल अक्तूबर में शुरू होती है। अगर सरकार ने निर्धारित समय से पहले इन चीनी मिलों को शुरू नहीं किया तो आने वाले दिनों में चीनी के दामों में अधिक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 50 किलो की बोरी 3100 रुपये में थोक में पड़ रही है। माल भाड़ा व लदाई-ढुलाई के पास छोटे दुकानदारों तक पहुंचती है। इससे चीनी के दाम और बढ़ जाते हैं। थोक व्यापारी संजीव जैन ने बताया कि चीनी के लगातार बढ़ते दामों से व्यापार प्रभावित हो रहा है। पहले जहां दिन भर में 25 से 30 बोरी बिक जाती थी। त्योहार होने के बाद भी चीनी की बोरी की बिक्री में गिरावट आई हैं। सरकार को चीनी के दामों को लेकर सतर्क निर्णय लेना चाहिए।
एक माह में इस तरह बढ़े चीनी के दाम
तिथि चीनी के दाम (50 किलो)
15 जुलाई 2300 रुपये
30 जुलाई 2700 रुपये
18 अगस्त 3100 रुपये
60 रुपये बिकने वाला गुड़ के दाम 80 रुपये पहुंचे
एक माह पहले गुड़ 60 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से बिक रहा था। वर्तमान में वहीं, गुड़ 80 रुपये प्रतिकिलो पहुंच गया है। दुकानदार राजेंद्र ने बताया कि बीते कुछ दिनों में गुड़ की आवक कम हुई है। इससे गुड के दामों में इजाफा हुआ है। आने वाले में दिनों में गुड के दाम और बढ़ सकते हैं।
फोटो 31: साधना
बिगड़ गया रसोई का बजट
घटिया अजमत अली निवासी साधना ने बताया कि चीनी के दाम लगातार बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ गया है। सरकार को चीनी के दाम पर सख्त निर्णय लेना चाहिए। साथ ही चीनी के दाम नियंत्रित करना चाहिए। इससे आमजन को सहूलियत मिले सके।
फोटो 32: आरती
त्योहार पर होगी दिक्कत
तिकोनिया निवासी आरती देवी ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व पर मिठाई के अलावा कई रिश्तेदारों का आना रहता है। ऐसे में चीनी की अधिक खपत होती है। त्योहार पर चीनी के दाम बढ़ने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही जमाखोरी करने वाले पर कार्रवाई की जाए। इससे चीनी के दाम पहले की तरह सामान्य हो सके।
