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फोटो 18:: दरगाह अबुल हसन शाह वारसी पर नजर में शामिल अकीदतमंद। संवाद
इटावा। दरगाह अबुल हसन शाह वारसी कटरा साहब खां में चल रहे चार दिवसीय सालाना उर्स के दूसरे दिन मुंबई से आए पारसी परिवार ने मजार शरीफ पर संदल और चादरें पेश कीं। इस दौरान गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सौहार्द की अनूठी मिसाल देखने को मिली।
मौलाए कायनात हजरत अली अलैहिस्सलाम की नजर में भी बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। उर्स का शुभारंभ नमाज फजर के बाद कुरआन ख्वानी से हुआ। नमाज जोहर के बाद दरगाह के ऑनरेरी सचिव हसनैन वारिस हनी वारसी और ट्रस्ट के लोगों ने मजार शरीफ हाजी सैय्यदना महमूद शाह वारसी का गुस्ल किया। इसी दौरान मुंबई से आए पारसी परिवार की ओर से संदल और चादरें पेश की गईं।
नमाज असर के बाद महफिले समां का आयोजन हुआ। इसके बाद मौला अली की नजर पेश की गई। हाफिज दिलवर हुसैन और हाफिज हुसैन वारिस ने कुरआन पाक की तिलावत की, जबकि आलम रजा नूरी ने सलाम पेश किया। देर रात अफ्फान वारसी, मोहम्मद अहमद और फैजान-जीशान ने कव्वाली पेश कर समां बांधा। अंत में कुल शरीफ हुआ। उर्स में विभिन्न प्रदेशों से जायरीन पहुंचे। (संवाद)

