आटा। दो दिनों तक रुक-रुककर हुई बूंदाबांदी के बाद सोमवार को मौसम ने फिर करवट ली। सुबह क्षेत्र में कोहरे की धुंध छाई रही। लगातार खराब मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में नमी और जलभराव के चलते रबी की फसलों की बोआई का समय निकलता जा रहा है।
धुंध के चलते हाईवे से लेकर ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट और इंडिकेटर जलाकर सफर करना पड़ा। मौसम में आए बदलाव से सुबह और शाम के समय ठंडक का एहसास होने लगा है।
क्षेत्र में पहले ही बीते माह हुई बारिश का पानी खेतों से पूरी तरह नहीं सूख पाया था। अब दो दिनों तक हुई बूंदाबांदी ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। आटा क्षेत्र में सैकड़ों बीघा कृषि भूमि अभी तक बिना जोताई के पड़ी है। सामान्य तौर पर इस समय तक किसान मटर, मसूर, चना और सरसों की बोआई शुरू कर देते थे, लेकिन खेतों में अधिक नमी होने के कारण ट्रैक्टर खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे बोआई पिछड़ने की आशंका बढ़ गई है। समय से बोआई नहीं होने पर उपज प्रभावित होने की चिंता किसानों को सता रही है।
उधर, खेतों में अभी धान की फसल खड़ी होने से किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। लगातार मौसम खराब रहने के कारण धान की कटाई प्रभावित हो रही है। कई खेतों में पानी भरा होने से हार्वेस्टर भी कटाई के लिए नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में पकी हुई फसल खेतों में खड़ी है और किसान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं। यदि समय रहते कटाई नहीं हो सकी तो फसल को नुकसान होने की आशंका है।
खराब मौसम का असर ज्वार और बाजरा की फसल पर भी पड़ रहा है। खेतों में पककर तैयार खड़ी ज्वार की फसल के दाने बूंदाबांदी के कारण काले पड़ने लगे हैं। इससे किसानों को गुणवत्ता और उपज खराब होने का डर सता रहा है। किसानों का कहना है कि एक ओर खरीफ की फसल की कटाई नहीं हो पा रही है तो दूसरी ओर रबी की बोआई का समय भी लगातार निकलता जा रहा है। मौसम की दोहरी मार से खेती का पूरा चक्र प्रभावित हो रहा है।
आटा के किसान अखिल, श्यामजी तिवारी, आनंद, संदी, गांव के किसान संतोष द्विवेदी, संजय पटेल, अकोढ़ी के किसान चंद्रशेखर और जोराखेरा के किसान चंद्रभूषण ने बताया कि लगातार मौसम खराब रहने से खेती के काम प्रभावित हो रहे हैं। खेतों में पानी और नमी होने के कारण अभी तक जोताई नहीं हो सकी है। धान की कटाई भी रुकी हुई है। वहीं, ज्वार के दाने काले पड़ने लगे हैं। किसानों ने कहा कि यदि जल्द मौसम साफ नहीं हुआ तो रबी की बोआई में और देरी होगी, जिसका असर आगामी फसल की पैदावार पर पड़ सकता है।

फोटो – 01 आटा क्षेत्र में खेतों में खड़ी ज्वार की फसल दाने पड़ने लगे काले। संवाद– फोटो : Archive

