इटावा। राष्ट्रीय स्वर्णकार राजनीतिक भागीदारी मंच ने जिला पंचायत भवन में एक अधिवेशन किया। इसमें स्वर्ण कला बोर्ड बनाने की प्रमुख मांग उठाई गई। अधिवेशन के बाद पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा।
सोमवार को हुए इस अधिवेशन में स्वर्णकार समाज और सर्राफा कारोबार से जुड़े कारीगरों व व्यापारियों की पांच प्रमुख समस्याओं पर शासन से कार्रवाई मांगी गई। उत्तर प्रदेश में मध्य प्रदेश और पंजाब की तर्ज पर स्वर्ण कला बोर्ड के गठन की मांग की गई। पदाधिकारियों का कहना है कि बोर्ड बनने से कारीगरों और व्यवसाय से जुड़े लोगों के हितों का संरक्षण होगा। स्वर्णकारों के लिए पूर्व में प्रचलित साहूकारी लाइसेंस व्यवस्था दोबारा लागू करने की भी मांग रखी गई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र कुमार वर्मा के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा गया। इसमें सर्राफा व्यापारियों की सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस जारी करने में प्राथमिकता देने को कहा गया। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना अथवा अन्य सरकारी वित्तीय योजनाओं के तहत पात्र स्वर्णकार कारीगरों को नकद ऋण के साथ स्वर्ण और रजत धातु उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया। इससे कारीगर अपना पारंपरिक कारोबार सुचारु रूप से चला सकेंगे और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। लूट, चोरी, डकैती जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने तथा पीड़ित व्यापारियों को आर्थिक सहायता, सुरक्षा और त्वरित न्याय दिलाने की मांग भी की गई। इस दौरान जिलाध्यक्ष अंशुमान सिंह वर्मा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
