प्रयागराज से सोनभद्र तक 341 गांवों की 4913.93 हेक्टेयर यानी चार करोड़ 91 लाख 39 हजार 300 वर्ग मीटर जमीन पर विंध्य एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया जाएगा। प्रभावित गांवों में जमीनों की सत्यापन प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद बैनामे शुरू किए जाएंगे।
विंध्य एक्सप्रेसवे प्रयागराज से शुरू होकर भदोही, मिर्जापुर होते हुए सोनभद्र तक बनाया जाएगा। 333 किमी दूरी वाले इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से कई राज्यों से उत्तर प्रदेश का सड़क परिवहन सीधे जुड़ जाएगा। विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण से सोनभद्र में सर्वाधिक 108 गांवों की 2019.64 हेक्टेयर जमीन प्रभावित होगी। वहीं, प्रयागराज में 84 गांवों की 862.76 हेक्टेयर, भदोही में 58 गांवों की 772.74 हेक्टेयर और मिर्जापुर में 91 गांवों की 1258.79 हेक्टेयर जमीन प्रभावित होगी। ऐसे में जमीन का सत्यापन व्यापक पैमाने पर होना है।
जमीन के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित जिलों में जिला स्तरीय कमेटी का गठन किया जाएगा। यह कमेटी काश्तकारों की जमीन के बैनामे के लिए रेट तय करेगी और इसी आधार पर मूल्यांकन होगा।
