अछनेरा। तहसील किरावली के विभिन्न गांव में आगरा फोर्ट से बांदीकुई तक प्रस्तावित रेलवे दोहरीकरण परियोजना के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों और किसान नेताओं ने कलेक्ट्रेट पर बुधवार को प्रदर्शन कर एसीएम द्वितीय नीलम तिवारी को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने मांग की कि अधिग्रहित भूमि का मुआवजा वर्तमान बाजारी मूल्य के आधार पर दिया जाए, चकमार्ग और सिंचाई की गूलों को प्रभावित होने से बचाया जाए तथा प्रभावित प्रत्येक किसान के एक परिजन को सरकारी नौकरी दी जाए।
किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने कहा कि वर्ष 2026 में हो रहे अधिग्रहण का मुआवजा 2017 के सर्किल रेट से देना किसानों के साथ अन्याय है। किसान नेता धीरज सिकरवार ने भी इसे अस्वीकार्य बताते हुए उचित मुआवजे की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि रेलवे परियोजना से जोगी पाड़ा, मंगटई, बिचपुरी, चौहटना, अंगूठी, नागर सहाई, सहता, रायभा, अछनेरा, नगला अरुआ, मांगरोल जाट, गोबरा समेत 14 गांवों के सैकड़ों किसान प्रभावित हो रहे हैं। ज्ञापन के दौरान दौलतराम नरवार, रवींद्र नरवार, हाकिम सिंह, कोमल सिंह, दलीप नरवार, राजकिशोर लोधी, रमन कुमार, पूरन सिंह, पदम सिंह और शशिदत्त शर्मा सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
