लखनऊ। मोहनलालगंज के भदेसुवा गांव का चर्च सरकारी जमीन पर बना पाया गया है। राजस्व अभिलेखों में यह जमीन नवीन परती के रूप में दर्ज है। बुधवार को तहसीलदार ऋतुराज शुक्ला ने जमीन की पैमाइश की। तहसील प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट डीएम विशाख जी को भेज दी है। सरकारी जमीन पर बने चर्च पर जल्द ही बुलडोजर चलाया जाएगा।

मोहनलालगंज इलाके में धर्मांतरण गिरोह के राजफाश के बाद पुलिस और प्रशासन सक्रिय हो गए हैं। बीते रविवार को स्थानीय लोगों ने चर्च में धर्मांतरण का आरोप लगाकर हंगामा किया था। इसके बाद चर्च के सरकारी जमीन पर बने होने की शिकायत मिली थी। राजस्व टीम को पहले पैमाइश में सफलता नहीं मिली थी। प्रशासन की सख्ती के बाद तहसीलदार खुद मौके पर पहुंचे। उन्होंने पैमाइश पूरी कर डीएम को रिपोर्ट भेजी। रिपोर्ट में चर्च के केयरटेकर राजेश गौतम और पास्टर चंद्रिका को बेदखली का नोटिस देने की बात है। इसके बाद सरकारी जमीन से कब्जा हटाया जाएगा। मोहनलालगंज पुलिस ने भी बुधवार को ग्रामीणों से पूछताछ की। कई लोगों के बयान भी लिए गए।

पुलिस का कहना है कि कोई पीड़ित सामने नहीं आया है। तहरीर मिलने पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, राजस्व की टीम के लगातार गांव में आने से चर्चा का बाजार गर्म है। ग्रामीण भी अब मुखर हो गए हैं और राजेश और चंद्रिका पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

हंगामे के कारण लौट गई थी राजस्व टीम

जमीन की पैमाइश करने पहुंची राजस्व टीम को मंगलवार को विरोध का सामना करना पड़ा था। कुछ युवकों ने टीम का विरोध किया था। इसके कारण राजस्व कर्मी लौट गए थे। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी ने तहसीलदार को स्वयं मौके पर जाने के निर्देश दिए थे।

यह है मामला

मोहनलालगंज पुलिस ने धर्मांतरण के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरोह के सरगना डेनियल ने हिंदू धर्म के लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाने की बात कबूल की थी। यह गिरोह रात में बैठकें करता था। इनके निशाने पर दलित और गरीब परिवार के लोग रहते थे।



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