फोटो-10-मरम्मत करते बिजली कर्मचारी। संवाद

– सुबह की दिनचर्या और रात में झालरों की चकाचौंध फीकी पड़ी

संवाद न्यूज एजेंसी

फतेहपुर। नवरात्र में भी बिजली कटौती से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में सुबह से लेकर रात तक रोजाना बिजली कटौती होती है। सुबह की कटौती से लोगों की दिनचर्या बिगड़ने से कामकाज प्रभावित हो रहे हैं, वहीं शाम से रात पंडाल का आकर्षण और नवरात्र की पूजा अंधेरे ने फीकी कर दी है।

सरकार की ओर से त्योहारों में शत प्रतिशत बिजली उपलब्ध कराने का फरमान है। इसके बावजूद शहर समेत गांव तक बिजली कटौती से लोग परेशान हो गए हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में सुबह से ही कई घंटों के लिए बिजली गुल हो जाती है। इससे बच्चे से लेकर बुजर्ग तक प्रभावित होते हैं। बच्चों के स्कूल जाने में लेटलतीफी होने लगी है, वहीं कर्मचारियों के कार्यालय के कामकाज में असर पड़ने लगा है।

दिनभर जैसे तैसे काटकर शाम से रात तक नवरात्र के लिए लोग परिवार के साथ मंदिर और पंडालों में पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां भी बिजली की कटौती से त्योहार का रंग फीका हो रहा है। दर्शन, पूजा अर्चना व आरती के समय कई बार लाइट गुल हो जाती है। इससे व्यवधान पैदा होता है। बिजली कटौती से तंग आकर पंडाल संचालकों ने जनरेटर का सहारा लेना शुरू कर दिया है।

कटौती से बढ़ी परेशानी

नवरात्र शुरू होते ही शहर के हरिहरगंज फीडर में करीब दो दिनों तक बिजली की आपूर्ति बाधित रही। इसके बाद अब आवास विकास और चित्रांश नगर क्षेत्र में पिछले दो दिन से बिजली कटौती का सिलसिला जारी है। इन क्षेत्रों में एचटी लाइन का बदलने के नाम पर घंटों बेहिसाब कटौती हो रही है। इसके अलावा शहर के पटेल नगर, वर्मा चौराहा, आईटीआई रोड, आबूनगर, ज्वालागंज, बाकरगंज सहित कई इलाकों में दिन भर बिजली आंखमिचौली करती है। शहर में लगभग पांच घंटे से अधिक की कटौती हो रही है।

पंडालों में जनरेटर के सहारे उजियारा

शहर में 129 दुर्गा पंडालों लगाए गए हैं। पंडालों में हर रोज माता का स्वरूप तैयार किया जाता है। यहां दिन में बिना बिजली के जैसे तैसे काम चला लिया जा रहा है। लेकिन रात में बिजली कटौती से परेशान पंडाल संचालकों ने जनरेटर का सहारा लेना अब शुरू कर दिया है।

लोड कम होने के बावजूद सुचारू आपूर्ति नहीं

बीते महीनों की अपेक्षा इस माह बिजली का लोड कम हुआ है। इसके बावजूद सुचारू रूप से आपूर्ति नहीं हो रही है। अगस्त महीने में जिले में करीब 13.86 करोड़ यूनिट बिजली की खपत हुई थी। वहीं सितंबर माह में सिर्फ 8.65 करोड़ यूनिट बिजली की खपत हुई। जबकि इस माह रोजाना करीब 20 लाख यूनिट बिजली की खपत हो रही है। इस हिसाब से माह में 6 करोड़ यूनिट ही बिजली की खपत होगी। पिछले माह से 2 करोड़ यूनिट की बचत होगी। बिजली खपत कम होने के बाद भी कटौती से बिजली विभाग के कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं।

दावों की खुली पोल

बिजली विभाग के दावों की पोल खुल गई है। विभाग के अधिकारियों ने कहा था कि लोड कम होते ही बिजली व्यवस्था सुचारू हो जाएगी। पिछले दो महीने की तुलना में बिजली खपत आधी रह गई है। इसके बावजूद कटौती रुकने के बजाए बढ़ रही है। अब विभाग मरम्मत और तार बदलने का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे तार बदलने के बाद लाइट निर्बाध मिलने लगेगी।

बोले कमेटी के लोग

11-पटेल नगर स्थित दुर्गा पंडाल कमेटी के अध्यक्ष सोनू यादव ने बताया कि दिनभर लाइट गायब रहती है। जबकि शाम को भी कई बार आती-जाती रहती है। जनरेटर के माध्यम से पंडाल का संचालन किया जा रहा है। शुक्रवार को गुफा दर्शन के दौरान बिजली ने कई बार परेशान किया।

12- पत्थरकटा चौराहे में सजे दुर्गा पंडाल कमेटी के सदस्य शिव कुमार ने बताया कि लाइट न होने से पंडाल की सजावट फीकी हो रही है। दिन में होने वाले पूजा के कार्यक्रम भी अव्यविस्थत हैं। शाम से रात तक बिजली परेशान करती है।

16- आर्दश नगर निवासी राम विशाल सविता ने बताया कि बिजली कटौती से परेशान हैं। दो दिनों से आवास विकास के बड़े क्षेत्र में लाइट की समस्या बनी हुई है। दिन रात कटौती की गई। इससे पूरी दिनचर्या प्रभावित हुई है। बिजली सुधार पर सिर्फ बातें होती हैं।

कोट

शहर में आरडीएसएस योजना के तहत लाइन बदलने का कार्य चल रहा है। शटडाउन लेने पर आपूर्ति बाधित होती है। आवास विकास में ट्रांसफार्मर खराब हो जाने से आपूर्ति बाधित हुई थी। उसे दुरुस्त करा दिया गया है। – एमएम सिद्दीकी, एसडीओ सदर, ऊर्जा निगम।



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