सीआरपीएफ में तैनात हवलदार श्याम बिहारी पांडेय (46) का बृहस्पतिवार सुबह नाश्ता करने के बाद बैरक में जाते समय हृदयाघात से निधन हो गया। श्रीनगर की 79 बटालियन में तैनात श्याम बिहारी पांच दिवसीय प्रमोशन ट्रेनिंग के लिए मध्य प्रदेश के नीमच गए थे। शुक्रवार को शव उनके पैतृक गांव गोंडा के नरायनपुर जैसिंह पहुंचा तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों की चीत्कार से माहौल अत्यंत गमगीन हो गया।

छोटे भाई अवध बिहारी पांडेय ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह भाई से फोन पर बात हुई थी। उन्होंने नाश्ता करने और आराम के लिए बैरक में जाने की बात कही थी, लेकिन किसे पता था कि अनहोनी हो जाएगी। 

शव लेकर पहुंचे सीआरपीएफ के कांस्टेबल जीडी संतोष कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव पर केमिकल लेप लगाने के लिए उदयपुर ले जाया गया। वहां सेना के वाहन द्वारा अहमदाबाद और फिर शुक्रवार को विमान से लखनऊ लाया गया। लखनऊ आशियाना स्थित 93वीं बटालियन के वाहन से शव को पैतृक गांव पहुंचाया गया।

गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुआ अंतिम संस्कार

हवलदार का शव दोपहर करीब 12:30 बजे पैतृक गांव पहुंचा। इसके बाद सरयू नदी के पंचवटी स्थित शुद्धेवीर घाट पर सीआरपीएफ की 63वीं बटालियन अयोध्या के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। बड़े बेटे अविनाश ने नम आंखों से पिता को मुखाग्नि दी।

बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

हवलदार श्याम बिहारी पांडेय तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके पिता परशुराम पांडेय पीएसी से सेवानिवृत्त हुए थे। उनका निधन हो चुका है। श्याम बिहारी के असमय निधन से उनकी पत्नी सुनीता और वृद्ध मां कृष्णा देवी बेसुध हैं। दो बेटे अविनाश (27), आयुष (20) और एक बेटी प्रियंका (17) हैं।



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