
हज यात्रा (सांकेतिक तस्वीर)
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इस बार हज आवेदकों को तीन सौ रुपये रजिस्ट्रेशन नहीं देनी होगी। हज कमेटी ने रजिस्ट्रेशन फीस खत्म कर दी है। लेकिन हज कमेटी ने सुविधा शुल्क दोगुना कर दिया है। एक हजार की जगह आवेदकों को अब दो हजार रुपये देने होंगे। हज आवेदन की अंतिम तिथि नौ सितंबर तय की गई है।
इस साल जिले से 2400 आजमीन हजयात्रा पर गए थे। आवेदन करने वाले सभी आजमीनों को हजयात्रा का मौका मिला। हजयात्रा 2025 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। 14 अगस्त से आवेदन भी होने लगे हैं। इस बार आवेदन प्रक्रिया में कुछ बदलाव किया गया है।
पहले आवेदकों को तीन सौ रुपये रजिस्ट्रेशन फीस के साथ एक हजार रुपये सुविधा शुल्क भी जमा करनी पड़ती थी। इस बार हज कमेटी ने रजिस्ट्रेशन फ्री कर दिया है। रजिस्ट्रेशन का कोई जार्च नहीं देना होगा। लेकिन दूसरी तरफ हज कमेटी ने अपना सुविधा शुल्क बढ़ा दिया है।
आवेदकों को अब हज कमेटी को दो हजार रुपये सुविधा शुल्क अदा करना होगा। वहीं इस बार 65 वर्ष से अधिक आयु वाले अकेले हजयात्रा पर नहीं जा सकेंगे। उन्हें अपने साथ करीबी रिश्तेदार को ले जाना होगा। पहले ये नियम 70 वर्ष से अधिक आयु वालों पर लागू था।
हज ट्रेनर हाजी मुख्तार असलम ने बताया कि हज कमेटी ने रजिस्ट्रेशन फीस खत्म करके सुविधा शुल्क दो हजार रुपये कर दिया है। हज आवेदन की अंतिम तारीख नौ सितंबर है।
हज कमेटी का कोटा घटा
हज ट्रेनर हाजी मुख्तार असलम के मुताबिक इस बार हज कमेटी का कोटा दस फीसदी घट गया है। देश के कुल कोटे में हज कमेटी की हिस्सेदारी 70 फीसदी रहेगी। जबकि पहले 80 प्रतिशत था। इस बार तीस फीसदी हिस्सेदारी निजी कंपनियों की होगी। पहले ये हिस्सेदारी 20 फीसदी थी।
