एटा जिले के जलेसर निवासी व्यक्ति ने सिकंदराराऊ के हाथरस रोड स्थित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन से दो बच्चे पैदा होने के बाद एक बच्चे को गायब करने का आरोप लगाया है। उन्होंने अस्पताल संचालक व दो झोलाछापों के खिलाफ तहरीर दी है।
पीतांबर सिंह निवासी गांव सराय राजनगर जलेसर एटा ने तहरीर में कहा है कि 18 मई को उनकी पुत्रवधू सोनिया पत्नी राजेश का इस अस्पताल में ऑपरेशन से प्रसव हुआ था। इससे पहले कराए गए अल्ट्रासाउंड में उसके गर्भ में दो बच्चे पाए गए थे। ऑपरेशन के बाद एक बच्चा तो परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया, जबकि दूसरे बच्चे के बारे में पूछने पर कह दिया कि वह मांस का लोथड़ा था। उसमें जीवन नहीं था, इसलिए उसे फेंक दिया।
पीड़ित का कहना है कि अगर दूसरा बच्चा जिंदा नही था तो उन्हें दिखाया क्यों नहीं गया। आरोप है कि पुत्रवधू को इस अस्पताल में उन्हें प्रसव के लिए ले जाने के लिए उन्हें कचौरा के एक महिला व एक पुरुष झोलाछाप ने उन्हें प्रेरित किया था। इन दोनों ने ही षडयंत्र के तहत दूसरे बच्चे को गायब किया है। अस्पताल संचालक ने बताया कि अल्ट्रासाउंड में एक बच्चे का ही जीवित होना पाया गया था। दूसरे बच्चे में जीवन के कोई लक्षण नहीं थे। कोतवाल शिवकुमार शर्मा ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी जाएगी।
