हाथरस के विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम)-प्रथम निर्भय नारायण राय की अदालत ने 14 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म करने वाले साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार दिया है। उसे 20 साल के कठोर कारावास व 16 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस गंभीर प्रकरण में कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि लैंगिक अपराधों में किसी प्रकार की उदारता या सहानुभूति नहीं दिखाई जा सकती। 

घटना सिकंदराराऊ क्षेत्र की है। पीड़िता के पिता द्वारा दर्ज कराई एफआईआर के अनुसार किशोरी 21 नवंबर 2023 की शाम को खेत से कंडे लेने गई थी। तभी अभियुक्त विष्णु उर्फ लियाकत उसे अकेला पाकर जबरन सरसों के खेत में ले गया और उसके साथ गलत काम किया। काफी देर तक वह घर नहीं लौटी तो पिता तलाशते हुए खेत पर पहुंचे। उन्हें देखकर आरोपी खेत से भाग गया। किशोरी बेहोशी की हालत में थी। पिता उसे घर लेकर पहुंचे। होश में आने पर लड़की ने घटना के बारे में बताया। दूसरे दिन परिवार ने शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने आरोपी विष्णु को गिरफ्तार किया था। विवेचना के बाद आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो अधिनियम में 16 दिसंबर 2023 को चार्जशीट दाखिल की। अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता और उसके पिता सहित कुल नौ साक्षीगण प्रस्तुत किए। अदालत में पीड़िता ने अपने बयानों पर दृढ़ रहते हुए घटना का पूरा विवरण दिया। सबूत व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने सोमवार को आरोपी को सजा सुनाई।

अदालत की तल्ख टिप्पणी

सजा के प्रश्न पर सुनवाई करते हुए पीठासीन अधिकारी निर्भय नारायण राय ने कहा कि दोषी ने एक अबोध बालिका के जीवन से सुख का वसंत और उसका बचपन छीन लिया, जिससे उसे जीवनभर के लिए मानसिक और शारीरिक यातना झेलने को मजबूर होना पड़ा। लैंगिक अपराधों में किसी प्रकार की उदारता या सहानुभूति नहीं दिखाई जा सकती।



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