इटावा। रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात हेड कांस्टेबल का शव शनिवार सुबह बास्केटबॉल के गोलपोस्ट से लटका मिला। सुबह टहलने निकले दीवान ने सिपाही को लटका देख उच्चाधिकारियों को सूचना दी। पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
कानपुर देहात के थाना अमराहट क्षेत्र के ग्राम महेशपुर निवासी अजीत सिंह यादव (41) साल 2005 में सिपाही पद पर चयनित हुए थे। वर्तमान में वह इटावा पुलिस लाइन में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। करीब 10 दस दिन पहले उनका तबादला फर्रुखाबाद हुआ था लेकिन वह अभी तक वहां कार्यभार ग्रहण करने नहीं गए थे।
मृतक के बड़े भाई व पुलिस लाइन में एसआई अरविंद कुमार ने बताया कि अजीत शुक्रवार को अपने आवास पर नहीं पहुंचे थे। घर वालों ने रिश्तेदारी में जाने की आशंका जताकर उनकी खोजबीन नहीं की। शनिवार सुबह करीब छह बजे टहलने निकले दीवान अजय दीक्षित ने उनका शव पुलिस लाइन के ग्राउंड में बास्केटबॉल के गोलपोस्ट की रेलिंग से कपड़े की रस्सी के सहारे फंदे से लटका देखा। पास ही अजीत की बाइक खड़ी थी।
उन्होंने तुरंत इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। सूचना पर एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव समेत पुलिस अधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने शव फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सूचना पर हेड कांस्टेबल की पत्नी निशा देवी समेत परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही सिपाही के अन्य परिजन इटावा पहुंच गए।
मृतक के बड़े भाई अरविंद कुमार ने बताया कि परिवार में किसी प्रकार का विवाद नहीं था। पत्नी निशा देवी, एक पुत्र और एक पुत्री उनके साथ पुलिस क्वार्टर में रहते थे। साल 2015 से अजीत परिवार समेत इटावा पुलिस लाइन में मिले आवास रह रहे थे। उन्होंने बताया कि कोई पारिवारिक तनाव की जानकारी नहीं थी। मृतक अजीत सिंह यादव पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके बड़े भाई नरेंद्र सिंह यादव सब इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त हैं। पिता हाकिम सिंह किसान हैं।
रिजर्व पुलिस लाइन में दिवंगत मुख्य आरक्षी अजीत सिंह को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। शनिवार दोपहर बाद पोस्टमार्टम के बाद सिपाही के पार्थिव शरीर को पुलिस लाइन स्थित शहीद स्थल लाया गया जहां एसएसपी ने भी श्रद्धांजलि दी। जवानों ने शस्त्र झुकाकर दिवंगत मुख्य आरक्षी को शोक सलामी दी। इस दौरान एसपी सिटी अभय नाथ त्रिपाठी, सीओ सिटी अभय नारायण राय समेत कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। सलामी के बाद सिपाही के पार्थिव शरीर को परिजन उनके पैतृक निवास को लेकर रवाना हो गए।
