इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आगरा कॉलेज के प्रधानाचार्य चित्र कुमार गौतम की नियुक्ति से जुड़े आदेशों पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही अलवर (राजस्थान) स्थित सनराइज यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार से व्यक्तिगत हलफनामा तलब कर पूर्व प्रधानाचार्य डाॅ.अनुराग शुक्ला के कथित फर्जी प्रमाणपत्रों की सच्चाई पर स्पष्ट रिपोर्ट मांगी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने डॉ.अनुराग शुक्ला की विशेष अपील पर दिया है। मामला आगरा कॉलेज के प्रधानाचार्य रहे डॉ.अनुराग शुक्ला से जुड़ा है। डॉ. अनुराग शुक्ला ने अपनी नियुक्ति रद्द किए जाने, निलंबन और उनके स्थान पर चित्र कुमार गौतम की नई नियुक्ति के खिलाफ विशेष अपील दाखिल की है।
अपीलार्थी के वकीलों ने दलील दी कि उनकी योग्यता से जुड़े दस्तावेज सही हैं, जबकि राज्य सरकार और आयोग का दावा है कि यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ पत्र फर्जी पाए गए हैं। कोर्ट ने डॉ.मनोज कुमार रावत मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया। कहा कि नए अधिनियम के लागू होने के बाद पुराने आयोग या पुरानी चयन सूची स्वतः निष्प्रभावी हो जाती है। ऐसे में पुराने पैनल के आधार पर किसी अन्य अभ्यर्थी की नियुक्ति करना कानूनी रूप से गंभीर विचार का विषय है। यह प्रथम दृष्टया नियमों के विरुद्ध प्रतीत होता है।
लिहाजा, कोर्ट ने अपीलार्थी को सनराइज यूनिवर्सिटी, अलवर के रजिस्ट्रार को नया पक्षकार बनाने की अनुमति देते हुए उनसे व्यक्तिगत हलफनामा तलब किया है। कोर्ट ने कहा कि हलफनामे में यह स्पष्ट करना होगा कि डॉ.शुक्ला ने वहां बतौर रिसर्च गाइड क्या काम किया और यूनिवर्सिटी की ओर से जारी किए गए प्रमाण पत्रों की असलियत क्या है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 अगस्त की तरीख तय कर मौजूदा प्रधानाचार्य चित्र कुमार गौतम की नियुक्ति से जुड़े 12, 19 और 21 मार्च 2025 को जारी आदेशों के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी है।
