इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पहली शादी वैध होने पर दूसरी कानूनन शून्य है तो ऐसे व्यक्ति को दूसरी महिला के संबंध में बीएनएस के तहत धारा 80 (दहेज हत्या) व धारा 85 (क्रूरता) के मामले में ‘पति’ नहीं माना जाएगा।
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खबर वहीं जो सत्य हो©
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पहली शादी वैध होने पर दूसरी कानूनन शून्य है तो ऐसे व्यक्ति को दूसरी महिला के संबंध में बीएनएस के तहत धारा 80 (दहेज हत्या) व धारा 85 (क्रूरता) के मामले में ‘पति’ नहीं माना जाएगा।
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