
जोंस मिल
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उत्तर प्रदेश के आगरा में जोंस मिल प्रकरण में हाईकोर्ट ने गंभीरमल पांड्या के विधिक वारिसों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इसके अलावा खसरा नंबर 1741, 2084 व 2087 में जिलाधिकारी की ओर से लगाई खरीद-फरोख्त व बिजली-पानी कनेक्शन पर रोक के मामले में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। गृह सचिव, पुलिस आयुक्त सहित तीन पक्षकारों को नोटिस जारी करते हुए हाईकोर्ट ने चार सप्ताह में जवाब मांगा है। अगली सुनवाई सात अक्तूबर को होगी।
मौजा घटवासन, जीवनीमंडी में मेजर एयू जॉन की संपत्तियों को लेकर विवाद चल रहा है। प्रशासन की जांच में मुन्नी लाल मेहरा, हीरा लाल पाटनी व गंभीरमल पांड्या के विधिक वारिसों को दोषी पाया गया था। जिसके बाद डीएम ने 20 से अधिक खसरा नंबरों में बैनामा व बिजली-पानी कनेक्शन पर रोक लगाई।
गंभीमल पांड्या पक्ष ने खसरा नंबर 1741, 2084 व 2087 को लेकर चुनौती दी। तीनों खसरा में डीएम के आदेश पर 22 अक्तूबर 2022 को रोक लगाई। साथ ही, थाना छत्ता में दर्ज भूमाफिया राजेंद्र जैन उर्फ रज्जो, हेमेंद्र अग्रवाल उर्फ चुनमुन व कंवलदीप सिंह के विरुद्ध दर्ज मुकदमे में गंभीरमल पांड्या पक्ष को गिरफ्तारी की आशंका थी।
