मुरादाबाद के लोकोशेड बिजलीघर के पावर ट्रांसफार्मर के बार-बार खराब होने के कारण करीब बीस हजार लोग मुश्किल में आ गए। बिजली-पानी के संकट के बीच शनिवार की रात जागकर गुजारनी पड़ी। शाम करीब सात बजे गुल हुई बिजली रविवार सुबह छह बजे के बाद ही सुचारु हो सकी।

ये हाल तब है, जब कुछ घंटे पहले ही पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम मेरठ के एमडी रवीश गुप्ता ने समीक्षा में अफसरों को नसीहत दी थी कि बिजली आपूर्ति सुचारु रखी जाए। ओवरलोडिंग को प्राथमिकता से दूर किया जाए लेकिन एमडी के जाते ही बिजली संकट खड़ा हो गया।

बिजली संकट का सबसे ज्यादा असर चंद्रनगर, ब्रजधाम कॉलोनी, पटेल नगर, फ्रेंड्स कॉलोनी, ताज बैंक्वेट क्षेत्र और आसपास के मोहल्लों में देखने को मिला। रात गहराने के साथ लोगों के इनवर्टर भी जवाब दे गए। घरों में लगे पंखे और कूलर बंद हो गए, जिससे उमस भरी रात काटना मुश्किल हो गया।

कई परिवारों को छतों और बाहर खुले स्थानों पर रात बितानी पड़ी। बिजली न होने से पानी की समस्या भी खड़ी हो गई। बिजलीघर के कर्मचारियों के अनुसार ओवरलोडिंग के कारण पावर ट्रांसफार्मर का फ्यूज बार-बार उड़ता रहा। रात करीब 11 बजे सप्लाई बहाल करने का प्रयास किया गया, लेकिन लोड बढ़ते ही दोबारा फॉल्ट हो गया।

पूरी रात फ्यूज लगाने और फॉल्ट दूर करने का सिलसिला चलता रहा लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल सका। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जब गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ना तय है तो व्यवस्था को पहले से मजबूत क्यों नहीं किया गया। वहीं बिजली निगम के अधिशासी अभियंता विकासदीप का कहना है कि रविवार सुबह फॉल्ट दूर कर सप्लाई सामान्य कर दी गई और क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सुचारु है।



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