संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे के आदेशानुसार मंगलवार को परिवहन विभाग की टीम ने मेडिकल कॉलेज पर खड़ी होने वाली निजी एंबुलेंसों की जांच की। इस दौरान एंबुलेंस का किराया तय न होने के साथ ही बिना मरीज के एंबुलेंस चालक सायरन बजाने की शिकायतें की गईं। इस पर परिवहन विभाग की टीम ने जल्द ही बैठक में एंबुलेंस चालकों पर कार्रवाई की बात कही।
संभागीय परिवहन विभाग में 192 निजी एंबुलेंस पंजीकृत हैं। मरीजों से अधिक किराया वसूलने के साथ ही अनफिट एंबुलेंस की जांच के लिए मंगलवार को संभागीय परिवहन विभाग के अफसर मेडिकल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कई एंबुलेंस का बारीकी से निरीक्षण किया। कई तीमारदारों ने निजी एंबुलेंस चालकों द्वारा अधिक किराया मांगने की शिकायतें कीं। इसके साथ ही बिना मरीज के ही सायरन बजाने की भी शिकायतें कीं। परिवहन विभाग के अफसरों ने एंबुलेंस चालकों को चेतावनी देते हुए जल्द ही बैठक कराने का निर्णय लिया है। एंबुलेंस चालकों के साथ बैठक में किराए की दरें तय होने के साथ ही एंबुलेंस चालकों की समस्याओं का भी निस्तारण किया जाएगा।
मौके पर आरटीओ (प्रवर्तन) प्रभात पांडेय, आरटीओ (प्रशासन) अरविंद त्रिवेदी, एआरटीओ हेमंचद गौतम, पीटीओ सुरेंद्र अग्रवाल, आरआई संजय सिंह आदि मौजूद रहे। संभागीय परिवहन अधिकारी प्रभात पांडेय ने बताया कि मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे के निर्देश पर एंबुलेंसों की जांच की गई है। जल्द ही एंबुलेंस चालकों के साथ बैठक कर किराए की दरें तय की जाएंगी।
