In just eight minutes, the emergency, CT scan centre, prescription counter and medicine distribution centre were inspected in the medical college

झांसी। मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखने आई टीम 32 मिनट में खानापूर्ति करके लौट गई। बुधवार को ओपीडी बंद होने के बाद यानी दोपहर 2.28 बजे टीम निरीक्षण करने निकली। टीम ने बमुश्किल आठ मिनट में इमरजेंसी, सीटी स्कैन सेंटर, सेंट्रल पैथोलॉजी लैब, पर्चा काउंटर, दवा वितरण केंद्र व ओपीडी का जायजा ले लिया। वार्डों को देख टीम दोपहर करीब तीन बजे प्रधानाचार्य कार्यालय लौट गई।
बुधवार को मेडिकल कॉलेज का जायजा लेने के लिए टीम का आना तय था। दोपहर करीब एक बजे उरई मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी व कानपुर मेडिकल कॉलेज के डॉ. जलध सक्सेना प्रधानाचार्य दफ्तर पहुंचे। दोपहर करीब 2.28 बजे टीम निरीक्षण करने निकली। इमरजेंसी पहुंचते ही टीम ने फोटोग्राफी कराई फिर अंदर गई। पर्चा काउंटर देखने के बाद टीम सीटी स्कैन सेंटर पहुंची जहां बमुश्किल डेढ़ मिनट रुकी। यहां से टीम सेंटर सेंट्रल पैथलॉजी लैब पहुंची और करीब डेढ़ मिनट में निरीक्षण करके बाहर आ गई। इसके बाद ओपीडी पर्चा काउंटर पहुंची, जहां सभी काउंटर बंद मिले। यहां से टीम दवा वितरण केंद्र पहुंची, जहां एक काउंटर को छोड़ सभी बंद थे। पांच-छह रोगी दवा ले रहे थे, तभी एक रोगी ने एक दवा न मिलने की बात कही। टीम ने पर्चा पकड़ फोटो खिंचाई और फिर पर्चा सीएमएस की तरफ बढ़ दिया। टीम ओपीडी पहुंची, जो बंद थी। सिर्फ नेत्र रोग विभाग में पांच-छह जूनियर डॉक्टर मौजूद थे मगर कोई रोगी नहीं था। करीब तीन बजे टीम प्रधानाचार्य कार्यालय पहुंची और बैठक करके 3.40 बजे गंतव्य के लिए रवाना हो गई।
शासन को रिपोर्ट भेजने के लिए चला फोटो सेंशन
टीम का फोकस निरीक्षण के बजाय फोटो खिंचवाने पर था। यही वजह रही कि इमरजेंसी पहुंचकर टीम ने सबसे पहले बाहर खड़े होकर फोटो खिंचाई। इसके बाद दवाओं की लिस्ट फिर ड्यूटी डॉक्टरों की सूची के सामने फोटोग्राफी कराई। ब्यूरो



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