फतेहपुर जिले में जाफरगंज थाना क्षेत्र के अंगदपुर गांव में पशुपालक तक्कीलाल की कब्जे की भूमि को लेकर पुलिस जांच में कई लोगों पर संदेह गहराता जा रहा है। तक्कीलाल निसंतान थे। ऐसे में उनकी कीमती जमीन को लेकर नामजद आरोपियों के अलावा भी किसी अन्य की भूमिका की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों में चर्चा है कि यदि वारदात आरोपी पक्ष ने ही की होती तो वे सुबह तक गांव में मौजूद नहीं रहते।
परिजन के अनुसार तक्कीलाल और उनके चचेरे भाई रामखेलावन के बीच वर्ष 2017 से भूमि विवाद न्यायालय में चल रहा था। बताया जाता है कि करीब 40 वर्ष पहले तत्कालीन प्रधान उदयपाल सिंह उर्फ फुद्दी सिंह ने तक्कीलाल के कब्जे वाली बंजर भूमि का पट्टा रामखेलावन के पिता सुखनंदन के नाम किया था। सुखनंदन के जीवनकाल में दोनों पक्षों में कोई विवाद नहीं था और आपसी समझौते से इस्तेमाल होता रहा।
