स्क्रैप कारोबारी से 10 लाख रुपये की ठगी करने के आरोपी को बुधवार देर रात पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने सस्ते दाम पर सोना बेचने का झांसा देकर ठगी की। दो दिन पूर्व दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी। पुलिस ने आरोपी के पास से ठगी के 6.27 लाख रुपये, तमंचा, कारतूस और मोबाइल बरामद किए हैं।
एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र के निरंजनपुर निवासी दीपक दुबे ने नौ जून को तहरीर दी थी। उसमें बताया था वह अपने दोस्त इंदौर निवासी अजय पोलाया के साथ स्क्रैप का काम करता है। उसके यहां पूर्व में काम करने वाले में टीकमगढ़ के मजगुवा निवासी रवि परिहार ने अपने परिचित दीपचंद्र कुशवाहा के घर में सोना निकलने और उसे सस्ते दाम पर बेचने की बात कहीं। लालच में आकर दोनों दोस्त सोना खरीदने को तैयार हो गए। दीपचंद्र ने नमूने के तौर पर उन्हें असली सोना दिखाकर झांसे में ले लिया। 31 मई को दीपचंद्र ने 30 लाख रुपये का सोना 10 लाख रुपये में देने की डील हुई। सोना खरीदने दोनों बरुआ सागर के मंसिल माता मंदिर पर पहुंच गए।
दीपचंद्र कुशवाहा ने 10 लाख रुपये लेकर सोना लेकर आने की बात कहीं। लेकिन काफी देर तक न आने पर जब उसे फोन किया तो वह धमकाने लगा और फोन स्विच ऑफ कर लिया। ठगी का शिकार होने पर पीड़ित ने बरुआ सागर थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस दीपचंद्र की तलाश में थी। तभी सूचना मिली कि आरोपी धमना रोड पर बारई तिराहा के पास खड़ा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की तो दीपचंद्र ने भागने की नीयत से पुलिस पर फायर कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।