अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। थाने छोड़कर पुलिस लाइन में आराम फरमाने वाले दरोगा अब वापस थाने भेजे जा रहे हैं। पिछले माह में रेंज के थानों में 100 से अधिक दरोगाओं को तैनाती दी गई। पुलिस अफसरों का कहना है कि गैर जनपदों से आने वाले दरोगा भी थाने भेजे जा रहे हैं। दरोगाओं की संख्या बढ़ने से विवेचना के बोझ में कमी आएगी।
कुछ माह पहले समीक्षा के दौरान रेंज में थानों के बजाए पुलिस लाइन में दरोगाओं की भरमार पाई गई थी। हालत यह थी कि रेंज के तीनों जनपद (झांसी, ललितपुर एवं जालौन) में करीब 350 दरोगा पुलिस लाइन में ड्यूटी बजाते दिखे। झांसी जनपद में 413 दरोगा 231 थानों में थे जबकि शेष पुलिस लाइन में ड्यूटी बजा रहे थे। महानगर के नवाबाद, सीपरी बाजार, कोतवाली, बबीना जैसे थानों में दरोगाओं की कमी थी। जालौन में 124 एवं ललितपुर में 70 दरोगा थाने के बजाए पुलिस लाइन में दिन काट रहे थे।
बड़ी संख्या में दरोगाओं के पुलिस लाइन एवं ऑफिस तैनाती देख डीआईजी कलानिधि नैथानी भी हैरान रह गए। उन्होंने तुंरत मातहतों को आदेश जारी करते हुए पुलिस लाइन के बजाए थानों में दरोगाओं को तैनात करने के निर्देश दिए। डीआईजी के आदेश के बाद अब तक तीनों रेंज में करीब 100 से अधिक दरोगा पुलिस लाइन से हटाकर थानों में तैनात किए जा चुके हैं।
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दरोगाओं की थानों में तैनाती से विवेचना जल्द पूरी की जा सकेंगी। कानून-व्यवस्था भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि थानों मे पर्याप्त संख्या में दरोगाओं की तैनाती रहे। कलानिधि नैथानी, डीआईजी, झांसी रेंज
