आटा। महेवा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सधारा के हैदलपुर गांव में श्मशान घाट न होने के कारण ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को वृद्ध के निधन के बाद बारिश और कीचड़ के बीच परिजनों को खेत में तिरपाल लगाकर उनका अंतिम संस्कार करना पड़ा।
आटा थाना क्षेत्र के सधारा के हैदलपुर निवासी मदन वर्मा (70) का बुधवार को बीमारी के चलते निधन हो गया था। बृहस्पतिवार सुबह भी बारिश जारी रही। कुछ देर बूंदाबांदी थमने पर परिजनों और ग्रामीणों ने गांव से करीब 500 मीटर दूर स्थित खेत में अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। गांव तक पक्की सड़क होने के बावजूद खेत तक पहुंचने का रास्ता चकरोड और खेतों से होकर गुजरता है, जो बारिश के कारण दलदल में तब्दील हो गया था। ऐसे में कोई वाहन मौके तक नहीं पहुंच सका।
परिजन और ग्रामीण शव को कंधों पर उठाकर पैदल खेत तक ले गए। रास्ते में लकड़ियां, उपले और अन्य सामग्री को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल से ढककर ले जाया गया। खेत में भी बूंदाबांदी के बीच तिरपाल लगाकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। मृतक के छोटे भाई पप्पू वर्मा ने मुखाग्नि दी।
ग्रामीणों ने बताया कि मदन वर्मा पिछले करीब एक माह से बीमार थे। चिकित्सकों ने उनके फेफड़ों में संक्रमण बताया था। वह अविवाहित थे और परिवार में दो भाई ही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि हैदलपुर गांव में आज तक श्मशान घाट का निर्माण नहीं कराया गया है। बरसात के मौसम में अंतिम संस्कार के लिए खेतों या गांव के किनारे नदी के पास जाना पड़ता है, जिससे हर बार लोगों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से जल्द श्मशान घाट बनवाने की मांग की है।
वर्जन:
मामले की जानकारी मिली है। गांव में श्मशान घाट के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजा जा रहा है, ताकि जल्द स्थायी व्यवस्था कराई जा सके। – अरुण कुमार सिंह, बीडीओ महेवा।
