Muzaffarnagar पुलिस ने एक अंतरराज्यीय जाली नोट गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना बुढ़ाना पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक लाख रुपये मूल्य के जाली नोट, एक वैगनार कार और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने नकली नोटों के सप्लाई नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह कथित तौर पर विभिन्न राज्यों तक फैले नेटवर्क के माध्यम से जाली करेंसी मंगाकर बाजार में चलाने का काम करता था। मामले में अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश के लिए पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कर दी हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक, मेरठ जोन मेरठ एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक, सहारनपुर परिक्षेत्र के निर्देशन में की गई।
पूरे अभियान की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में हुई, जबकि पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक, क्षेत्राधिकारी बुढ़ाना गजेन्द्र पाल सिंह तथा थाना प्रभारी बुढ़ाना सुभाष अत्री के नेतृत्व में थाना बुढ़ाना पुलिस टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि तीन व्यक्ति एक वैगनार कार में बड़ी मात्रा में जाली करेंसी लेकर खतौली की ओर से बुढ़ाना क्षेत्र में आने वाले हैं।
चेकिंग के दौरान भागने का प्रयास, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा
सूचना मिलते ही थाना बुढ़ाना पुलिस ने संभावित मार्गों पर सघन वाहन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया।
कुछ समय बाद संदिग्ध वैगनार कार पुलिस टीम को दिखाई दी। पुलिस ने वाहन को रोकने का संकेत दिया, लेकिन कार सवार व्यक्तियों ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया।
पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी करते हुए आवश्यक बल प्रयोग के बाद बसी गेट, खतौली रोड से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए तीन आरोपी
पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार बताई गई है—
- सालिम पुत्र हाफिज इमरान, निवासी ग्राम कैली, थाना दौराला, जिला मेरठ।
- माजिद पुत्र फारुख, निवासी ग्राम कैली, थाना दौराला, जिला मेरठ।
- जिशान पुत्र गुलजार, निवासी ग्राम जौला, थाना बुढ़ाना, जिला मुजफ्फरनगर।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में तीनों आरोपी कथित रूप से अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय जाली करेंसी नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं।
एक लाख रुपये की जाली करेंसी, कार और मोबाइल बरामद
गिरफ्तार आरोपियों की तलाशी और वाहन की जांच के दौरान पुलिस ने उनके कब्जे से—
- ₹1,00,000 मूल्य के जाली नोट
- एक वैगनार कार
- तीन मोबाइल फोन
बरामद किए।
पुलिस ने बरामदगी को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। बरामद मोबाइल फोन भी जांच के दायरे में लिए गए हैं ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा सके।
पूछताछ में सामने आया कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने कथित रूप से जाली नोटों के नेटवर्क के संबंध में कई अहम जानकारियां दीं।
आरोपियों ने बताया कि वे मवाना क्षेत्र के रहने वाले अपने साथियों साहिल और शाहनवाज से कथित रूप से ₹40,000 देकर ₹1,00,000 के नकली नोट प्राप्त करते थे। बाद में इन नोटों को बाजार में अलग-अलग स्थानों पर चलाने का प्रयास किया जाता था।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि कथित रूप से होने वाले मुनाफे का एक हिस्सा मुसर्रफ नामक व्यक्ति को भी दिया जाता था, जिसके बारे में आरोपियों ने बताया कि वह खतौली का निवासी है और सकौती (मेरठ) में बेकरी संचालित करता है।
इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी पुलिस जांच का विषय है।
बंगलौर से कुरियर के जरिए नकली नोट मंगाने का आरोप
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने यह भी बताया कि उनके अनुसार साहिल और शाहनवाज कथित रूप से बंगलौर निवासी माइकल फर्नाडीज नामक व्यक्ति से ₹30,000 में ₹1,00,000 के नकली नोट मंगाते थे।
आरोपियों के अनुसार, यह जाली करेंसी कथित तौर पर कुरियर सेवा के माध्यम से भेजी जाती थी। कुरियर प्राप्त करने के लिए कथित रूप से फर्जी नाम और पते का इस्तेमाल किया जाता था।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कुरियर प्राप्त करने के लिए एक कोड नंबर उपलब्ध कराया जाता था, जिसकी सहायता से पार्सल लिया जाता था।
इन सभी दावों की पुष्टि पुलिस की विवेचना के बाद ही होगी।
क्यूआर कोड से भुगतान करने का भी किया दावा
आरोपियों ने पूछताछ में कथित रूप से यह भी बताया कि उन्हें एक क्यूआर कोड भेजा जाता था, जिसके माध्यम से कथित रूप से ₹30,000 ऑनलाइन ट्रांसफर किए जाते थे।
इसके अतिरिक्त ₹10,000 नकद संबंधित व्यक्तियों को देने की बात भी पूछताछ में सामने आई है।
पुलिस अब इन डिजिटल लेन-देन, बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में गठित हुई पुलिस टीम
थाना बुढ़ाना पुलिस ने मामले में कथित रूप से शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन कर दिया है।
साथ ही गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास, उनके संपर्कों, वित्तीय लेन-देन और अन्य राज्यों से संभावित संबंधों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान प्राप्त होने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इन पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका
इस कार्रवाई में थाना बुढ़ाना पुलिस की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों में—
- थाना प्रभारी सुभाष अत्री
- उपनिरीक्षक ललित कुमार
- सूर्यप्रताप सिंह
- छविकांत
- तेजवीर सिंह
- मुख्य आरक्षी संजय कुमार
- सुनील कुमार
- नकुल सांगवान
- अमरदीप सिंह
- अमित तेवतिया
- पुष्पेंद्र सिंह
शामिल रहे।
एसएसपी ने पुलिस टीम को किया सम्मानित
जाली करेंसी गिरोह के खिलाफ इस कार्रवाई को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने थाना बुढ़ाना पुलिस टीम की सराहना की।
उत्कृष्ट कार्य के लिए पूरी टीम को ₹15,000 के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने इसे संगठित अपराध के विरुद्ध पुलिस की प्रभावी कार्रवाई बताते हुए कहा कि जनपद में अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी प्रकार जारी रहेगा।
जाली करेंसी पर पुलिस की लगातार नजर
विशेषज्ञों के अनुसार, जाली करेंसी का उपयोग आर्थिक अपराधों के साथ-साथ अवैध गतिविधियों में भी किया जा सकता है। इसलिए ऐसे मामलों में पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क का पता लगाने पर विशेष जोर देती हैं।
मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई न केवल जाली नोटों के कथित नेटवर्क तक पहुंचने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि इससे बाजार में नकली मुद्रा के प्रसार को रोकने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र में जाली करेंसी के कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ पुलिस की यह कार्रवाई संगठित आर्थिक अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के रूप में देखी जा रही है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर ₹1 लाख मूल्य की कथित नकली करेंसी, एक वैगनार कार और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ ही पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा होने की संभावना है।
