= पुलिस को गुमराह करता रहा इंद्रजीत, एक मैसेज ने खोल दी पोल
= खुद घर पर रहा, पिता संभालता रहा सुपारी और भुगतान का हिसाब
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। कालपी बार संघ के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार की हत्या की साजिश में मुख्य आरोपी इंद्रजीत यादव ने पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद को मामले से दूर रखने की कोशिश की थी। उसे भरोसा था कि पुलिस का शक उस पर नहीं जाएगा, क्योंकि हत्या से पहले और बाद में रुपये के लेनदेन समेत अन्य बातचीत उसका पिता अजय यादव मोबाइल पर कर रहा था। इंद्रजीत खुद कानपुर स्थित अपने घर पर ही रुका रहा, जबकि साजिश से जुड़े संपर्कों की जिम्मेदारी पिता संभाल रहा था।
पुलिस की शुरुआती जांच में मृतक के बेटे से मिली जानकारी अहम साबित हुई। बेटे ने बताया कि उसके पिता का मैनपुरी निवासी और वर्तमान में कानपुर में रहने वाले इंद्रजीत यादव से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी मुकदमे की तारीख के सिलसिले में गयादीन अहिरवार उरई आए थे। पुलिस ने इस जानकारी को आधार बनाकर इंद्रजीत की तलाश शुरू की और सुबह करीब चार बजे कानपुर स्थित उसके आवास पर पहुंच गई। उस समय इंद्रजीत शराब के नशे में घर पर सो रहा था।
पूछताछ के दौरान उसने जमीन का विवाद स्वीकार किया, लेकिन अधिवक्ता के बारे में जानकारी होने से इन्कार कर दिया। पुलिस को उसने यह जताने की कोशिश की कि विवाद भले ही पुराना हो, लेकिन हत्या से उसका कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए साथ चलने को कहा तो वह अपनी कार से आने की बात कहने लगा। इसके बाद वह एक साथी के साथ कार से कालपी पहुंचा।
पुलिस के हाथ उस समय तक ऐसा ठोस साक्ष्य नहीं लगा था, जिससे इंद्रजीत को हत्या की साजिश से सीधे जोड़ा जा सके। इसी बीच उसके मोबाइल पर अजय यादव का संदेश आया। बताया जाता है कि इसमें हत्या का काम पूरा होने और बकाया रकम देने की बात कही गई थी। इस संदेश ने पुलिस की जांच की दिशा बदल दी। पुलिस ने मोबाइल की चैट और रुपये के लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों को खंगाला तो इंद्रजीत और अजय के बीच साजिश की कड़ियां जुड़ती चली गईं।
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32 बीघा जमीन के विवाद में तय हुई थी दस लाख की सुपारी
पुलिस की जांच के अनुसार, गयादीन अहिरवार और इंद्रजीत यादव के बीच करीब 32 बीघा जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते इंद्रजीत ने हत्या की साजिश रची और मोनू यादव को दस लाख रुपये में सुपारी देने की बात सामने आई। अजय यादव ने दोनों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई। हत्या के बाद भुगतान से जुड़ी बातचीत भी मोबाइल चैट के जरिये हुई। पुलिस के लिए यही डिजिटल साक्ष्य मामले की सबसे अहम कड़ी बने।
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पांच आरोपी गिरफ्तार, अजय की तलाश जारी
हत्याकांड में अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मुख्य आरोपी मोनू यादव को पुलिस ने एक लाख रुपये के इनाम के साथ मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। उसके दोनों पैरों में गोली लगी थी। वहीं, साजिश में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाला उसका पिता अजय यादव अब भी फरार है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में दबिश दे रही हैं।

