उरई। राजस्थान में हुई अत्यधिक बारिश और चंबल नदी के बांधों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद चंबल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसका असर पंचनद संगम के बाद जालौन में बहने वाली यमुना नदी पर पड़ने की संभावना है। यमुना के जलस्तर में करीब 3.50 मीटर तक वृद्धि की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तटवर्ती क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है। रामपुरा क्षेत्र समेत यमुना और चंबल नदी के किनारे बसे गांवों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
चंबल नदी में लगातार बढ़ रहे पानी को देखते हुए पंचनद संगम क्षेत्र पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। चंबल में बांधों से छोड़ा गया पानी पंचनद के रास्ते यमुना में पहुंचने के बाद नदी का जलस्तर बढ़ सकता है। इसका सबसे अधिक असर नदी किनारे बसे निचले इलाकों और गांवों पर पड़ने की आशंका है। प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और ग्रामीणों को सतर्क करने के निर्देश दिए हैं।
तटवर्ती गांवों में बढ़ाई गई सतर्कता
यमुना का जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे बढ़ते जलस्तर के दौरान अनावश्यक रूप से नदी के किनारे न जाएं। पशुओं को भी नदी और निचले क्षेत्रों से दूर सुरक्षित स्थान पर रखने को कहा गया है। प्रशासन की ओर से संभावित जलभराव वाले स्थानों पर भी नजर रखी जा रही है।
3.50 मीटर तक बढ़ सकता है पानी
प्रशासन की ओर से जारी सूचना के अनुसार चंबल में बढ़े जलस्तर का असर पंचनद संगम के बाद यमुना में दिखाई पड़ सकता है। यमुना नदी के जलस्तर में लगभग 3.50 मीटर तक वृद्धि की संभावना जताई गई है। यदि जलस्तर में इतनी वृद्धि होती है तो नदी के आसपास के निचले क्षेत्रों में पानी पहुंचने की आशंका है। इसे देखते हुए संबंधित विभागों को पहले से तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
