उरई। जनसुनवाई में शिकायत लेकर पहुंचने वाले पीड़ितों को अब पर्ची दी जाएगी। इसमें जांच अधिकारी का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज होगा। जांच अधिकारी को भी शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर दिया जाएगा, ताकि दोनों के बीच संपर्क बना रहे। समय से जांच पूरी कर पीड़ित को न्याय नहीं दिलाने पर संबंधित जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह बात नवागत पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने शुक्रवार शाम पुलिस लाइन सभागार में अपनी पहली प्रेसवार्ता में कही।
एसपी ने कहा कि जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों के निस्तारण में जवाबदेही तय की जाएगी। शिकायतकर्ता को यह जानकारी रहेगी कि उसकी शिकायत किस अधिकारी के पास है और वह उससे संपर्क भी कर सकेगा। जांच में देरी या लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
पत्रकारों ने एसपी को बताया कि जिला मुख्यालय पर मसाज के नाम पर कथित तौर पर देह व्यापार का धंधा चल रहा है। इस पर एसपी ने कहा कि मामले की गहराई से जांच कराई जाएगी। यदि देह व्यापार का रैकेट संचालित होने और उसमें किसी की संलिप्तता के प्रमाण मिलते हैं तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
शहर में जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाए जाने से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को हो रही परेशानी का मुद्दा भी उठा। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था और आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
