उरई। प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह शुक्रवार को पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत के पैतृक गांव बम्हौरी पहुंचे। यहां उन्होंने पूर्व सांसद के छोटे भाई स्वर्गीय गिरिजाचरण राजपूत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान राजनीतिक मतभेदों को पीछे छोड़कर मंत्री ने जिस आत्मीयता के साथ परिवार के बीच पहुंचकर दुख साझा किया, उससे दोनों पक्षों के बीच रिश्तों में जमी तल्खी कम होती नजर आई।
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे गांव पहुंचे मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत और चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत गुड्डू ने स्वागत किया। श्रद्धांजलि देने के बाद सभी ने एक-दूसरे के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। शुरुआत में विधायक कुछ दूरी पर जाकर बैठ गए तो पूर्व सांसद ने उन्हें और अखिल राजपूत व अजय राजपूत को मंत्री के पास बैठने के लिए कहा। इसके बाद कुछ देर बातचीत हुई। फिर पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने मंत्री का हाथ पकड़कर विधायक बृजभूषण राजपूत, अखिल राजपूत, अजय राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी, जेडीसी बैंक के सभापति बृजभूषण सिंह मुन्नू और दिलीप दुबे को अंदर कमरे में बातचीत के लिए बुलाया।
इस दौरान पुरानी बातों और मतभेदों को भुलाकर नए सिरे से आत्मीय संबंध बनाए रखने पर सहमति बनी। पूर्व सांसद ने अपने बेटे विधायक बृजभूषण राजपूत से कहा कि मंत्री का दिल बड़ा है। दुख की घड़ी में वह परिवार के बीच पहुंचे हैं, इसलिए उनका अभिवादन और आभार व्यक्त करना चाहिए। पिता की बात मानकर विधायक ने हाथ जोड़कर मंत्री का अभिवादन किया और पुरानी बातों को पीछे छोड़ने की बात कही।
गौरतलब है कि नमामि गंगे परियोजना को लेकर चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत और जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के बीच मतभेद सामने आए थे। यह मामला प्रदेश की राजनीति और मीडिया में भी चर्चा का विषय बना रहा। हालांकि, दुख की घड़ी में मंत्री के बम्हौरी पहुंचने और दोनों पक्षों के बीच हुई आत्मीय बातचीत को बुंदेलखंड की राजनीति में भाजपा के लिहाज से सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत के फोन पर बम्हौरी पहुंचे जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह
उरई। पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत के छोटे भाई स्वर्गीय गिरिजाचरण राजपूत के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह शुक्रवार को उनके पैतृक गांव बम्हौरी पहुंचे। बताया गया कि पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने स्वयं मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को फोन कर गांव आने का निमंत्रण दिया था। (संवाद)

