जालौन। रक्षाबंधन पर बच्चों के साथ मायके जा रही महिला के बैग से सोने के आभूषण चोरी होने के मामले में पुलिस ने बस के कंडक्टर और हेल्पर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। एसपी के आदेश के बाद कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मध्य प्रदेश के रौन थाना क्षेत्र निवासी लक्ष्मी देवी ने एसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वह रक्षाबंधन मनाने के लिए बच्चों के साथ अपने मायके कालपी थाना क्षेत्र के ग्राम पड़री जा रही थीं। 28 अगस्त की सुबह करीब 11 बजे वह मिहौना स्थित मछंड तिराहे से उरई जाने वाली बस में सवार हुई थीं।
महिला के अनुसार बस में भीड़ होने की बात कहकर कंडक्टर ने बैग सुरक्षित रखने के लिए ले लिया और हेल्पर के माध्यम से उसे बस के पीछे बनी डिकी में रखवा दिया। रास्ते में बस कई जगह रुकी। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के पास भी बस करीब 20 मिनट तक खड़ी रही।
आरोप है कि इसी दौरान कंडक्टर रामकुमार और हेल्पर रमेश ने बैग की चेन को किनारे से तोड़कर उसमें रखे स्टील के डिब्बे से सोने के आभूषण निकाल लिए। महिला के मुताबिक डिब्बे में एक मंगलसूत्र, एक चेन, चार चूड़ियां और दो अंगूठियां रखी थीं।
जालौन पहुंचने पर कंडक्टर ने महिला को बैग दिया और जल्दबाजी में दूसरी बस में बैठा दिया। इसके बाद वह उरई प्राइवेट बस स्टैंड से रिक्शे से रोडवेज बस स्टैंड पहुंचीं। वहां से बस द्वारा कालपी और फिर ऑटो से अपने मायके ग्राम पड़री पहुंचीं।
घर पहुंचने पर बैग खोलने के दौरान उन्हें स्टील का डिब्बा कपड़ों के ऊपर रखा मिला। डिब्बा खोलकर देखा तो उसमें रखे सोने के आभूषण गायब थे। अगले दिन महिला रिपोर्ट दर्ज कराने कोतवाली पहुंचीं, लेकिन आरोप है कि वहां से उन्हें मिहौना थाने जाने को कहा गया। मिहौना पहुंचने पर जालौन जाने की बात कही गई।
इसके बाद महिला ने एसपी से रिपोर्ट दर्ज कराकर चोरी गए आभूषण बरामद कराने की मांग की। एसपी के आदेश पर पुलिस ने कंडक्टर रामकुमार और हेल्पर रमेश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
