उरई। लगातार मिल रही शिकायतों और सड़क हादसे के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों के बाद पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने कुठौंद थाना प्रभारी जगदंबा प्रसाद दुबे को लाइन हाजिर कर दिया है। एसपी की कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई।
ग्राम तिरावली निवासी कुलदीप दोहरे (32) साथी मंटू के साथ सोमवार को औरैया में मजदूरी करने गए थे। रात में लौटते समय औरैया मार्ग पर बघावली गांव के पास सामने से आ रहे लोडर ने बाइक में टक्कर मार दी थी। हादसे में कुलदीप की मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल मंटू को कानपुर रेफर किया गया था।
कुलदीप के परिजनों ने आरोप लगाया था कि हादसे वाली जगह के पास होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे में लोडर कैद हुआ है, लेकिन पुलिस ने फुटेज देखने की जहमत नहीं उठाई। कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने शाम करीब पांच बजे सड़क पर जाम लगा दिया था। एसडीएम और सीओ के पहुंचने तथा कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद रात करीब नौ बजे जाम खुल सका था।
वहीं, एक अन्य सड़क हादसे में आरोपी का शांतिभंग में चालान किए जाने को लेकर भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे थे। इन मामलों समेत थाना प्रभारी के खिलाफ लगातार शिकायतें मिलने पर एसपी ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया। एसपी विनय कुमार सिंह ने कहा कि लगातार कई शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी को लाइन भेजा गया है।
