कालपी। सिंध नदी में आई बाढ़ और बांध से छोड़े गए पानी का असर से यमुना चेतावनी बिंदु (102 मीटर) पार कर सकती है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गुरुवार से यमुना के जलस्तर में बढ़ने के आसार हैं और अगले दो दिनों में यह 105 मीटर तक पहुंच सकता है। इससे यमुना की तलहटी में बोई गई खरीफ फसलों पर संकट गहरा गया है।
कालपी स्थित यमुना का चेतावनी बिंदु 102 मीटर है। बुधवार दोपहर यमुना का जलस्तर 97.30 मीटर दर्ज किया गया, जो करीब दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। तीन वर्षों की तुलना में इस बार कम बारिश के कारण जलस्तर अपेक्षाकृत कम रहा, लेकिन अब राजस्थान के झालावाड़ स्थित काली सिंध नदी पर बने बांध से पानी छोड़े जाने के बाद स्थिति बदल सकती है।
केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी रूपेश कुमार ने बताया कि काली सिंध नदी का पानी कोटा में चंबल नदी में मिलता है और चंबल का पानी बृहस्पतिवार से यमुना में पहुंचना शुरू होगा। इसके चलते जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है।
हालांकि संभावित 105 मीटर का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान (108 मीटर) से करीब तीन मीटर नीचे रहेगा, लेकिन यमुना की तलहटी में किसानों द्वारा बोई गई खरीफ की फसलें जलमग्न होकर खराब हो सकती हैं। प्रशासन और सिंचाई विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
