Muzaffarnagar जिले में अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री और नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में ऑपरेशन सवेरा अभियान के तहत थाना सिविल लाइन पुलिस को एक और सफलता मिलने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने चेकिंग और गश्त के दौरान एक युवक को कथित तौर पर स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 7 ग्राम स्मैक (हेरोइन) और एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा बरामद किए जाने की बात पुलिस ने कही है।
पुलिस के अनुसार, बरामद स्मैक की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 40 हजार रुपये है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान शौकीन पुत्र मुन्ना मिस्त्री, निवासी मकान नंबर 316, गली नंबर 06, महमूद नगर, थाना सिविल लाइन, मुजफ्फरनगर के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मु०अ०सं० 253/26 के तहत धारा 8/17 एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है। कार्रवाई के बाद पुलिस अब आरोपी से जुड़े कथित सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।
ऑपरेशन सवेरा के तहत सिविल लाइन पुलिस की कार्रवाई
मुजफ्फरनगर में अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन सवेरा के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में चेकिंग और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी की जा रही है।
इसी अभियान के दौरान थाना सिविल लाइन पुलिस टीम गश्त और चेकिंग कर रही थी। पुलिस के मुताबिक, टीम ने बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन से करीब 200 मीटर पहले एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा।
पुलिस ने उसकी तलाशी ली तो उसके पास से 7 ग्राम स्मैक बरामद होने की बात सामने आई। इसके साथ ही एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा भी मिला। पुलिस ने बरामदगी के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन के पास पकड़ा गया आरोपी
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई जिस स्थान पर की गई, वह बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन से लगभग 200 मीटर पहले का क्षेत्र है। गश्त के दौरान पुलिस टीम को आरोपी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उसे रोककर पूछताछ और तलाशी की गई।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान शौकीन के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसका पता महमूद नगर, थाना सिविल लाइन, मुजफ्फरनगर बताया गया है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बरामद पदार्थ को स्मैक यानी हेरोइन बताया है। बरामदगी की मात्रा 7 ग्राम बताई गई है।
1.40 लाख रुपये की बताई गई स्मैक
पुलिस के अनुसार बरामद 7 ग्राम स्मैक की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 40 हजार रुपये है। हालांकि किसी भी बरामद मादक पदार्थ की वास्तविक बाजार कीमत परिस्थितियों और अवैध बाजार की कीमतों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। पुलिस ने फिलहाल बरामद पदार्थ की यही अनुमानित कीमत बताई है।
बरामदगी में केवल नशीला पदार्थ ही नहीं, बल्कि एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा भी शामिल है। पुलिस की जांच में यह उपकरण महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि छोटे पैमाने पर मादक पदार्थों की बिक्री में वजन करने के लिए ऐसे उपकरण इस्तेमाल किए जाने की संभावना की जांच की जा सकती है।
हालांकि इलेक्ट्रॉनिक कांटा मिलने मात्र से उसके इस्तेमाल का अंतिम निष्कर्ष निकालना अदालत की प्रक्रिया का विषय होगा।
पूछताछ में आरोपी ने बताई कथित तौर पर स्मैक बेचने की बात
पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह खुद भी स्मैक का सेवन करता है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर यह भी बताया कि अपने नशे का खर्च निकालने और मुनाफा कमाने के लिए वह सुनसान स्थानों पर आने-जाने वाले लोगों को स्मैक बेचता था।
पुलिस का दावा है कि आरोपी करीब 300 रुपये प्रति पुड़िया के हिसाब से स्मैक बेचने की बात पूछताछ में बता रहा था।
यह जानकारी फिलहाल पुलिस पूछताछ में सामने आए कथित बयान का हिस्सा है। किसी भी आरोपी के कथित पुलिस बयान को अदालत में सिद्ध तथ्य मानने के बजाय जांच और न्यायिक प्रक्रिया के संदर्भ में ही देखा जाता है।
सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
इस कार्रवाई का अगला महत्वपूर्ण पहलू आरोपी के कथित फॉरवर्ड और बैकवर्ड संपर्कों की जांच है।
मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में पुलिस के सामने अक्सर यह चुनौती होती है कि केवल उस व्यक्ति तक कार्रवाई सीमित न रह जाए जिसके पास से नशीला पदार्थ बरामद हुआ है, बल्कि उसके पीछे मौजूद कथित सप्लाई चैन का भी पता लगाया जाए।
इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस आरोपी से यह जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है कि उसे कथित तौर पर स्मैक कहां से मिलती थी, किन लोगों से उसका संपर्क था और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाता था।
पुलिस द्वारा इस नेटवर्क से जुड़े संभावित लोगों और संपर्कों की जांच की जा रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ ही इस मामले में और जानकारी सामने आने की संभावना है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पुलिस ने मु०अ०सं० 253/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/17 में मुकदमा दर्ज किया है।
नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट यानी NDPS Act भारत में मादक और मन:प्रभावी पदार्थों से संबंधित अपराधों को नियंत्रित करने वाला प्रमुख कानून है। इसके तहत मादक पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री, कब्जे, परिवहन और अन्य गतिविधियों से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई की जाती है।
इस मामले में पुलिस द्वारा बरामदगी और दर्ज मुकदमे के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में कार्रवाई
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन तथा पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में की गई।
अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी के खिलाफ अभियान में स्थानीय पुलिस द्वारा गश्त, चेकिंग और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाए जाने की बात कही गई है।
ऑपरेशन सवेरा के तहत की जा रही ऐसी कार्रवाइयों का उद्देश्य नशीले पदार्थों की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना और उनके संभावित नेटवर्क की पहचान करना है।
कार्रवाई में ये पुलिसकर्मी रहे शामिल
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली थाना सिविल लाइन पुलिस टीम में कई पुलिसकर्मी शामिल रहे।
पुलिस टीम में:
उप-निरीक्षक मोहित कुमार
उप-निरीक्षक पुष्पेन्द्र सिंह
कांस्टेबल ललित कुमार
कांस्टेबल प्रमोद कुमार
शामिल रहे।
पुलिस के अनुसार टीम ने गश्त और चेकिंग के दौरान कार्रवाई को अंजाम दिया और आरोपी को कथित मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया।
नशे के खिलाफ कार्रवाई में सप्लाई चेन पर नजर
मादक पदार्थों की समस्या केवल किसी एक व्यक्ति की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहती। किसी क्षेत्र में नशीले पदार्थ की उपलब्धता बनी रहने के पीछे सप्लाई के कई स्तर हो सकते हैं। इसी वजह से पुलिस द्वारा गिरफ्तार व्यक्ति के संपर्कों की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस मामले में भी पुलिस आरोपी के कथित संपर्कों और स्रोतों की जानकारी जुटा रही है। जांच में यदि किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो उसके आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
युवाओं में नशे की समस्या पर चिंता
नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री को लेकर सबसे बड़ी चिंता युवाओं और किशोरों तक इसकी पहुंच को लेकर रहती है। स्मैक और अन्य नशीले पदार्थों की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक जीवन पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।
इसी कारण पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ नशा मुक्ति और जागरूकता अभियान भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। केवल गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई से समस्या का पूरा समाधान संभव नहीं है। नशे की गिरफ्त में आए लोगों के लिए उपचार, परामर्श और पुनर्वास की व्यवस्था भी समान रूप से आवश्यक है।
मुजफ्फरनगर जैसे तेजी से विकसित होते शहर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस तथा प्रशासन के सामने अवैध नशीले पदार्थों की उपलब्धता पर रोक लगाने के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की भी चुनौती रहती है।
सुनसान स्थानों पर कथित बिक्री का पुलिस ने किया खुलासा
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह सुनसान जगहों पर आने-जाने वाले लोगों को स्मैक की पुड़िया बेचता था।
अगर जांच में यह जानकारी पुष्ट होती है तो ऐसे स्थान पुलिस की निगरानी के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं। रेलवे स्टेशन के आसपास, सुनसान रास्तों और कम भीड़ वाले क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाना पुलिस की जांच का हिस्सा बन सकता है।
हालांकि, किसी विशेष स्थान को नशीले पदार्थों की बिक्री का केंद्र घोषित करना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा। पुलिस फिलहाल मामले से जुड़े तथ्यों और संपर्कों की पड़ताल कर रही है।
मुजफ्फरनगर पुलिस की कार्रवाई से फिर चर्चा में आया ऑपरेशन सवेरा
इस गिरफ्तारी के बाद ऑपरेशन सवेरा एक बार फिर चर्चा में है। अभियान के तहत अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता दिए जाने की बात सामने आई है।
7 ग्राम स्मैक की बरामदगी मात्रा के लिहाज से भले ही बड़ी खेप न हो, लेकिन पुलिस के लिए इससे जुड़े कथित नेटवर्क की जानकारी हासिल करना ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है। यदि जांच में सप्लायर या अन्य जुड़े लोगों के बारे में ठोस जानकारी सामने आती है, तो कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।
यही कारण है कि पुलिस ने आरोपी के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की जांच शुरू कर दी है।
आगे की कानूनी कार्रवाई जारी
आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद अब पुलिस मामले की आगे की विवेचना कर रही है। बरामद मादक पदार्थ, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और अन्य तथ्यों को जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि आरोपी के कथित संपर्क किन लोगों से थे और क्या उसके खिलाफ पहले से कोई आपराधिक मामला दर्ज है। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी और 7 ग्राम स्मैक की बरामदगी की जानकारी दी गई है। मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
मुजफ्फरनगर में ऑपरेशन सवेरा के तहत थाना सिविल लाइन पुलिस की कार्रवाई में 7 ग्राम स्मैक और इलेक्ट्रॉनिक कांटा बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने आरोपी शौकीन को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब कथित सप्लाई नेटवर्क और आरोपी के फॉरवर्ड-बैकवर्ड संपर्कों की जांच कर रही है। मामले में सामने आने वाले अन्य तथ्य विवेचना और आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होंगे।
