सिरसा कलार। हथना खुर्द रपटा पर 21 दिन से छह फीट तक पानी भरा होने से आवागमन मुश्किल हो रहा है। रपटा डूबे होने से बच्चे स्कूल-कॉलेज नहीं पहुंच पा रहे हैं तो किसान फसलों की रखवाली नहीं कर पा रहे हैं। शुक्रवार को भी सिरसा कलार बाजार आने वाले ग्रामीणों को रास्ता बंद होने से लौटना पड़ा।
बाबई-सिरसा कलार मार्ग पर हथना खुर्द के पास मलंगा नाला पर बने रपटा पर 20 अगस्त से पानी भरा है। पानी कई बार कम होने के बाद फिर बढ़ गया। वर्तमान में रपटा पर करीब छह फीट पानी होने के कारण निकलना पूरी तरह बंद है। इससे दोनों ओर के करीब 50 गांवों की सीधी आवाजाही प्रभावित है। ग्रामीणों को जरूरी काम के लिए दूसरे रास्तों से लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है।
बोर्ड परीक्षा की तैयारी पर पड़ रहा असर
रपटा के एक ओर से मऊ इंटर कॉलेज जाने वाले कपिल, रिया, सुनैना और पवन ने बताया कि कई दिनों से स्कूल पहुंचना मुश्किल है। बोर्ड परीक्षा की तैयारी का समय है। लगातार स्कूल छूटने से पाठ्यक्रम और पढ़ाई प्रभावित हो रही है। दूसरी ओर से सिरसा कलार इंटर कॉलेज जाने वाले शोम्या, बबिता, पंकज और अभिषेक का कहना है कि अब परीक्षा में पास होने की चिंता सताने लगी है। अच्छे अंक और डिवीजन हासिल करने का सपना भी प्रभावित हो रहा है।
खेत तक नहीं पहुंच पा रहे, जानवर कर रहे फसल चौपट
ग्रामीणों के मुताबिक खेतों तक पहुंचने वाले रास्ते भी पानी से प्रभावित हैं। किसान फसल की निगरानी के लिए खेतों तक नहीं जा पा रहे हैं। इससे जंगली जानवर खेतों में घुसकर फसल नष्ट कर रहे हैं।
बाजार और अस्पताल तक पहुंचना भी मुश्किल
हथना खुर्द, बाबई, नगरा-नगरी, सदूपुरा, इटैलिया, विराहरा, हथना बुजुर्ग, जहटौली, जखा, गिगौरा, सिरसा कलार, छानी और पीपरी समेत करीब 50 गांव प्रभावित हैं। ग्रामीण उपेंद्र सिंह, अजय सिंह, सुंदर सिंह, भूरे, रामजी, रामशंकर और गिरजाशंकर ने बताया कि सिरसा कलार बाजार, जालौन और उरई जाने के लिए रपटा ही सीधा रास्ता है। पानी भरने के बाद जालौन-उरई जाने के लिए करीब 25 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है।
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वर्जन
कार्य योजना में रपटा पर पुल बनवाने के लिए कार्य योजना में भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू हो जाएगा।
– जितेंद्र कुमार, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी
