कोंच। विकासखंड कोंच के ग्राम गोरा करनपुर में जिम्मेदारों की अनदेखी का खामियाजा ग्रामीणों को अपनों की अंतिम विदाई के समय भी भुगतना पड़ रहा है। गांव के श्मशान घाट पर करीब 12 साल पहले सांसद निधि से शुरू कराया गया अंत्येष्टि स्थल आज तक पूरा नहीं हो सका है। बारिश में श्मशान घाट तक पहुंचने वाला रास्ता कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाता है। ऐसे में ग्रामीणों को टिनशेड के नीचे अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
गोरा करनपुर गावं में बृहस्पतिवार की रात गांव निवासी रति देवी (70) का कैंसर से निधन हो गया। शुक्रवार सुबह परिजन और ग्रामीण शवयात्रा लेकर श्मशान घाट के लिए निकले, लेकिन रास्ते में जगह-जगह कीचड़ और दलदल होने से उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी। शवयात्रा में शामिल लोगों को पानी और कीचड़ से होकर किसी तरह श्मशान घाट तक पहुंचना पड़ा।
श्मशान घाट पहुंचने के बाद भी मुश्किलें कम नहीं हुईं। बारिश के कारण परिसर में भी जलभराव और कीचड़ की स्थिति बनी थी। अंत्येष्टि के लिए पक्की व्यवस्था नहीं होने पर ग्रामीणों ने मजदूरी में टिनशेड लगाकर रति देवी का अंतिम संस्कार किया। ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के दिनों में यहां हर बार यही स्थिति बनती है और अंतिम संस्कार तक करने में परेशानी होती है।
12 साल से अधूरा निर्माण, जिम्मेदारों पर सवाल
ग्रामीणों के अनुसार करीब 12 वर्ष पहले सांसद निधि से अंत्येष्टि स्थल का निर्माण शुरू कराया गया था, लेकिन काम आज तक पूरा नहीं हुआ। अधूरा निर्माण मौके पर जिम्मेदार विभागों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण पूरा कराने के लिए कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला। कोंच एसडीएम अभिनव कुमार का कहना है कि मामले में जांच करवाई जाएगी, और जल्द ही निर्माण पूरा कराया जाएगा।

फोटो- 02मजबूरी में टिनशेट के नीचे अंतिम संस्कार करते ग्रामीण। संवाद– फोटो : सांकेतिक
