मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की वास्तविक संख्या के सत्यापन के लिए जिला प्रशासन ने जांच शुरू करा दी है। विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से करीब तीन हजार छात्रों के अध्ययनरत होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन इस आंकड़े का आधिकारिक सत्यापन कराना चाहता है।
इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, जिलाधिकारी ने भी विश्वविद्यालय प्रबंधन को छात्र संख्या उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है। विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के बाद छात्रों के भविष्य का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया है।
धरना-प्रदर्शन के दौरान भी विश्वविद्यालय प्रबंधन और छात्र संगठनों ने हजारों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने की बात कही थी। प्रशासन का मानना है कि आगे की कार्रवाई और किसी भी वैकल्पिक व्यवस्था के लिए वास्तविक छात्र संख्या का स्पष्ट होना आवश्यक है।
विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर करीब तीन हजार छात्रों की संख्या दर्शाई गई है, लेकिन प्रशासन इस आंकड़े का सत्यापन कराना चाहता है। इसके तहत विश्वविद्यालय में संचालित सभी पाठ्यक्रमों में नामांकित छात्रों का रिकॉर्ड, प्रवेश सूची, उपस्थिति रजिस्टर, परीक्षा संबंधी अभिलेख और अन्य दस्तावेजों का मिलान किया जाएगा।
आवश्यकता पड़ने पर विश्वविद्यालय प्रबंधन से अतिरिक्त जानकारी भी मांगी जाएगी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जांच का उद्देश्य किसी संस्था या छात्र को परेशान करना नहीं, बल्कि उपलब्ध आंकड़ों का तथ्यात्मक सत्यापन करना है।
जांच पूरी होने के बाद डीआईओएस अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेंगी, जिसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्रों की संख्या की जानकारी कराई जा रही है।
