झांसी। महानगर के थाने और चौकी इन दिनों वसूली के अड्डे बने हुए हैं। स्थिति यह है कि एलएलबी छात्र परवेज हत्याकांड में प्रेमनगर थाना पुलिस की शिथिल कार्यशैली के चलते पूरे प्रकरण का खुलासा होने पर पुलिस को पांच दिन का समय लग गया। दूसरी ओर, भेल चौकी प्रभारी का मुकदमे से नाम हटाने के नाम पर 50 हजार रुपये की मांगने का ऑडियो वायरल हो रहा है। हालांकि, दोनों मामले पुलिस कप्तान के संज्ञान में आने के बाद कार्रवाई की गई। चौकी प्रभारी भेल को लाइन हाजिर कर दिया है तो वहीं प्रेमनगर थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर सभी के विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए है।

प्रेम नगर थाना पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों से छिपाई जानकारी

प्रेमनगर थाना क्षेत्र के नहर रोड विजय नगर में रहने वाले परवेज अली का शव 13 सितंबर को नगरा हाट मैदान में मिला था। शुरुआत में पुलिस ने पूरे मामले में गंभीर लापरवाही दिखाते हुए महज परवेज अली की मौत को सामान्य हादसा बताकर पूरे मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में परवेज के पैर में दांतों के काटे जाने के निशान पाए जाने के बाद एसएसपी विकास कुमार के निर्देश पर अफसरों की टीम द्वारा की गई कार्रवाई में एक बड़ा ड्रग्स सिंडिकेट सामने आया।

इसमें न केवल प्रेमनगर थाने में तैनात सिपाही सहित 11 हत्यारोपियों के नाम सामने आने के बाद पुलिस ने आठ लोगों की गिरफ्तारी कर ली। फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापामार कार्रवाई कर रही है। उक्त पूरे प्रकरण में एसएसपी ने प्रेमनगर थाना पुलिस की लापरवाही के साथ उच्चाधिकारियों से घटना छिपाने पर थाना प्रभारी तुलसीराम पांडेय, मुख्य आरक्षी राघवेंद्र कुमार और आरक्षी कुलदीप कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

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एसएसपी की रडार पर दागी वर्दीधारी

एसएसपी विकास कुमार ने बताया कि वर्दीधारियों व अपराधियों का संगठित गिरोह जनपद में नहीं चलने दिया जाएगा। वर्दी की आड़ में गलत कार्य करने वाले किसी भी वर्दीधारी को क्षम्य नहीं किया जाएगा। ऐसे सभी पुलिस कर्मियों व थानेदारों की गोपनीय जांच कराई जा रही है। ऐसे पुलिसकर्मियों को संवेदनशील जगहों पर तैनात नहीं किया जाएगा।



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