गर्मी से ही नहीं बल्कि एसी की ठंडी हवा से भी आंखों का पानी सूख रहा है। ऐसे में सीधे केमिस्ट से खरीदकर आंख में डाली जा रही ड्रॉप समस्या को बढ़ा रही है।

जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज की नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में हर तीसरा रोगी इस समस्या से ग्रसित आ रहा है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद यादव ने बताया कि कार्निया की सबसे ऊपरी परत पर टीयर फिल्म होती है। जब पलक झपकती है, तो टीयर फिल्म का पानी आंख में फैल जाता है और आंख में नमी बनी रहती है। गर्मी के मौसम में गर्म हवा के संपर्क में आने से टीयर फिल्म का पानी सूख जाता है, जिससे आंख का किरकिराना, लाल होना और दर्द की समस्या होती है। उन्होंने बताया कि ऐसा सिर्फ गर्म हवा से ही नहीं बल्कि एसी की हवा से भी होता है। एसी की हवा में ठंडक होती है, मगर नमी नहीं होती है। इससे भी आंख का पानी सूख जाता है। खासकर उनकी आंखों का, जो कार चलाते समय एसी की हवा सीधे अपनी तरफ करते हैं। वह बताते हैं कि एसी की ठंडी हवा में बैठकर लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करने या मोबाइल की स्क्रीन देखने से भी आंख का पानी सूख जाता है। बहुत लोग तेज पंखा चलाकर लेट जाते हैं, वह भी आंख सुखाने का काम करता है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल की ओपीडी में हर तीसरा व्यक्ति आंख का पानी सूखने की समस्या से ग्रसित आ रहा है।

यह करने से मिलेगा लाभ

वहीं, वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शमी ने बताया कि आंख का पानी सूखने पर आंख में तेज खुजली, आंख लाल होने और दर्द की समस्या होती है। ऐसे में डॉक्टर को दिखाएं, स्वयं अथवा सीधे मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर डालने से समस्या बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि आंख का पानी सूखने से बचाने के लिए एसी सामान्य तापमान पर चलाएं। सीधे एसी की हवा से बचें और पंखे के नीचे नहीं बैंठे। समय-समय पर आंख में ठंडे पानी के छींटे डालते रहें। यदि जरूरी हो, तभी दोपहर 12 से शाम चार बजे के बीच घर से निकलें। घर से निकलते समय चश्मा जरूर पहनें।



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