सड़कों पर आवारा कुत्तों का आतंक हैं। शहर के लेकर गांव तक खुंखार कुत्ते सड़कों व गलियों में घूम रहे हैं। जिससे लोगों में दहशत है। यह खूंखार कुत्ते आए दिन कुत्ते लोगों को शिकार बना रहे हैं। एक ओर जहां अब 14 हजार कुत्तों की नसबंदी कराई जा चुकी है, वहीं दूसरी ओर जिला अस्पताल में हर दिन 150 से अधिक कुत्ते काटने से पीड़ित लोग इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। शहर की सड़कों पर अभी भी लगभग 30 हजार कुत्ते घूम रहे हैं।
शायद कोई गली, मुहल्ला, बाजार ऐसा हो तो जहां खूंखार कुत्ते नजर न आए। सीपरी बाजार, आर्य नगर, गंज बाजार, दतिया बाहर गेट, सदर बाजार, कोतवाली क्षेत्र, मानिक चौक, कटकाना, मकरयाना, अली गोल आदि क्षेत्रों में खूंखार कुत्तों के काटने के कई मामले सामने आते हैं। लोगों को सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर चलने में भय लगता है। हांलाकि प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जहां नागरिक कुत्तों की सूचना दे सकते हैं।
चार दिन में तीन को कुत्ते ने काटा
आर्य नगर में मात्र चार दिनों में तीन लोगों को कुत्तों ने काट लिया। इन इलाकों में कुत्तों के झुंड दिन-रात दिखाई देते हैं और बिना किसी उकसावे के हमला कर देते हैं। इलेक्ट्रानिक्स दुकानदार मनीष कुमार ने बताया कि दुकान के पीछे गोदाम को जाने वाली सड़क पर एक कुत्ते ने दुकान के तीन लड़कों हार्षित, सागर और आकाश को दौड़ा कर काट लिया है।
पिछले साल 5000 कुत्तों की हुई नसबंदी
पशु कल्याण अधिकारी डॉ. राघवेंद्र ने बताया कि 2025-26 में 5000 कुत्तों की नसबंदी कराई गई। नगर निगम ने इसका का एक एनजीओ को दे रखा है। प्रति कुत्ते की नसबंदी पर करीब 1000 रुपये का खर्च आता है। इसमें उसे उठा कर ले जाने और नसबंदी से लेकर स्वस्थ होने तक खानपान भी शामिल हैं। फिलहाल नसबंदी कार्यक्रम लगातार जारी है।
