एरच। ग्राम करगुवां खुर्द के गुसाईं बाबा मंदिर में आयोजित विष्णु महायज्ञ के अंतर्गत रविवार को श्रीमद्भागवत कथा का प्रथम दिवस श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ। सात दिवसीय धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कथा श्रवण किया।
भागवत कथा के शुभारंभ होने से पहले परीक्षित शिंकी जीतू यादव ने विधि विधान से पूजन किया। कथा व्यास पंडित प्रेमानंद ठाकुर ने अपने प्रवचन में सच्चिदानंद के वास्तविक स्वरूप का वर्णन किया और कहा कि यह परमात्मा के शाश्वत, दिव्य और अनंत स्वरूप का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि सत्, चित् और आनंद से मिलकर बने सच्चिदानंद का अर्थ है शाश्वत सत्य, पूर्ण ज्ञान और परम आनंद। भागवत पुराण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि संसार के सभी रिश्ते, सुख और भौतिक वस्तुएं नश्वर हैं, जबकि ईश्वर ही ऐसे सत्य और आनंद के स्रोत हैं जो जन्म-मृत्यु के चक्र से परे हैं। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे दिखाई दिए और पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। आयोजन स्थल पर वातावरण भक्तिमय हो उठा। भागवत कथा का आयोजन 6 जून तक चलेगा, जबकि 7 जून को पूर्णाहुति एवं धार्मिक कार्यक्रमों के साथ आयोजन का समापन होगा।
