जिले में तीन बालू-मोरंग खनन पट्टों पर अवैध खनन मिलने पर टास्क फोर्स ने संबंधित पट्टाधारकों पर 1.63 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, अवैध खनन और परिवहन में प्रयुक्त 36 वाहन एवं मशीनों पर 16.24 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाई गई है। मानसून सत्र के चलते अगले तीन माह तक बालू-मोरंग का खनन बंद रहेगा। इसके लिए पट्टाधारकों ने परिवहन मार्गों को जेसीबी से खुदवाकर बंद भी कर दिया है।
डीएम गौरांग राठी के निर्देश पर एसडीएम गरौठा, खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार रात विभिन्न खनन क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया। उपखनिज के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण की जांच के दौरान तीन बालू-मोरंग खनन पट्टा क्षेत्रों में आवंटित सीमा से बाहर खनन पाया गया। इस पर संबंधित पट्टाधारकों पर कुल 1,63,85,024 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
इमारती पत्थर के खनन पट्टों की जांच में पांच स्थानों पर निर्धारित निर्देशांक के अनुसार सीमास्तंभ नहीं मिले। इस पर प्रत्येक पट्टाधारक पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, एक इमारती पत्थर खनन पट्टा क्षेत्र में अवैध खनन मिलने पर संबंधित पट्टाधारक को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।
टास्क फोर्स ने अवैध खनन और परिवहन से जुड़े मामलों में 36 वाहन एवं मशीनों पर कुल 16,24,670 रुपये की पेनाल्टी भी लगाई है। मानसून सत्र शुरू होने के कारण 30 जून की रात से जिले के सभी स्वीकृत बालू-मोरंग खनन पट्टों पर खनन कार्य बंद करा दिया गया है। इसके बाद पट्टाधारकों ने बालू-मोरंग के परिवहन के लिए उपयोग में आने वाले मार्गों को जेसीबी मशीन से खुदवाकर बंद कर दिया है।
डीएम गौरांग राठी ने कहा कि आवंटित क्षेत्र के बाहर खनन करने, नियमों के विरुद्ध खनन, परिवहन अथवा भंडारण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बालू, मोरंग और गिट्टी जैसे खनिजों की कालाबाजारी रोकने, कृत्रिम अभाव पैदा करने और कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी करने वालों के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
