बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (बीयू) के 31वें दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि असंतुलित समाज होगा, तो कई समस्याएं खड़ी होंगी। उन्होंने कहा, असंतुलन दूर करने के लिए समाज और सरकारों को आगे आना होगा। उन्होंने छात्राओं से झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की तरह बहादुर बनने की अपील की और कहा, यदि कोई परेशान करे, तो उसे ठोक दो।

उन्होंने 28 छात्राओं समेत 35 विद्यार्थियों को कुलाधिपति और 37 छात्राओं सहित 46 विद्यार्थियों को विन्यासीकृत पदक प्रदान किए। इस दौरान राजस्थान के भीलवाड़ा की पिचवाई चित्रकारी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले दिनेश सोनी को डी.लिट की मानद उपाधि प्रदान की गई।

कुलाधिपति ने कहा, केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए कौशल विकास जरूरी है। बीयू को रक्षा क्षेत्र की जरूरत के अनुरूप कोर्स तैयार करने चाहिए। बिना कौशल के युवाओं को बड़े शहरों में कम वेतन पर काम करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय कम से कम 100 विद्यार्थियों को विभिन्न कौशल प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र दे। उन्होंने कहा कि कक्षाएं खत्म होने के बाद विवि उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कौशल प्रशिक्षण के लिए करे। नई शिक्षा नीति में कक्षा छह से ही कौशल शिक्षा को शामिल किया गया है।

असंतुलन से होती हैं समस्याएं

कुलाधिपति ने बताया कि आजमगढ़ में 75 फीसदी और बीयू में 80 फीसदी छात्राओं को मेडल मिले हैं। यह अच्छी बात है, मगर समाज में संतुलन बेहद जरूरी है। उन्होंने गुजरात के एक जिले का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां छात्राओं के लिए हॉस्टल बनाया गया। छात्राओं ने पढ़ाई पूरी की। विवाह का समय आया तो कम पढ़े लड़कों से शादी करने से मना कर दिया। इसके बाद लड़कों के लिए भी हाॅस्टल बनाया गया। कुलाधिपति ने कहा, ‘लड़की-लड़की नहीं करें, लड़कों के लिए भी करें। समाज में संतुलन बेहद जरूरी है। असंतुलन होने से कई तरह की समस्या उत्पन्न होती है।

बच्चों को किताबों तक सीमित न रखें

राज्यपाल ने बताया कि जनभवन में 28 लाख से ऐसा केंद्र विकसित किया है, जहां कक्षा छह, सात और आठ के बच्चों को गगनयान, अंतरिक्ष अभियान व इसरो की जानकारी दी जाती है। इससे बच्चों को तकनीक, नवाचार और प्रयोगात्मक शिक्षा मिल रही है। बच्चों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखें।

सेना और पुलिस की तर्ज पर मिले प्रशिक्षण

कुलाधिपति ने कहा कि स्वस्थ युवा ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। सुझाव दिया विद्यार्थियों को सेना और पुलिस की तर्ज पर शारीरिक प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *