बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में इस बार सिर्फ 33 विषयों में पीएचडी के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इन विषयों में 204 सीटें हैं। सीटों की उपलब्धता न होने पर इस बार छात्र-छात्राओं को 14 विषयों में पीएचडी करने का मौका नहीं मिलेगा। पिछले साल भी परीक्षा कराने के बावजूद बीयू प्रशासन 10 विषयों की काउंसलिंग नहीं कराया पाया था।
बीयू में पिछले साल 27 मार्च को 47 विषयों में पीएचडी के लिए ऑनलाइन फॉर्म खोले गए थे। 20 जुलाई को प्रवेश परीक्षा कराई गई थी। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद कई विषयों में गाइड ही नहीं मिले। बीयू प्रशासन इसके पीछे यूजीसी के उस नियम का हवाला दे रहा है, जिसमें शिक्षकों की सेवानिवृत्ति के तीन साल बचे होने पर गाइड नहीं बनाया जाएगा। ऐसे में 37 विषयों की 371 सीटों पर प्रवेश हुए। मास कम्युनिकेशन, कॉमर्स, लॉ, एनिमल हसबैंड्री एवं डेरिंग, हॉर्टीकल्चर, जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग, मृदा विज्ञान, समाज कार्य, फाइन आर्ट समेत 10 विषयों की काउंसलिंग नहीं हो पाई। इस साल मार्च से प्रवेश लेने वाले शोधार्थियों का कोर्स वर्क शुरू हुआ। फिर सितंबर में इनकी परीक्षा कराई जाएगी।
इसी बीच, बीयू प्रशासन ने आठ अगस्त से सत्र 2026-27 के लिए पीएचडी प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन खोल दिए हैं, जो कि 31 अगस्त तक चलेंगे। इस बार पीएचडी के विषय घटकर 33 रह गए हैं। इनमें 204 सीटें हैं। इस साल 14 विषयों में प्रवेश नहीं खोले गए हैं। बीयू के प्रवेश सेल समन्वयक प्रो. सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार पीएचडी के 33 विषयों में प्रवेश फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 31 अगस्त है।
