बारिश से पहले नगर निगम के सामने महानगर में नालों की सफाई पूरी करना बड़ी चुनौती से कम नहीं है। अभी छोटे नालों की साफ-सफाई शुरू हो गई है लेकिन बड़े नालों की गंदगी हटाने का काम शुरू नहीं हुआ है। नगर निगम प्रशासन 31 जुलाई तक सफाई पूरी कराने का दावा कर रहा है।
झांसी में मानसूनी सीजन 15 जून से 15 सितंबर तक माना जाता है। मानसूनी सीजन के मद्देनजर महानगर में 259 छोटे और 14 बड़े नालों की सफाई नगर निगम करवाता है। छोटे नालों की सफाई नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग करवा रहा है। जबकि बड़े नालों के लिए निर्माण विभाग की ओर से निविदा प्रक्रिया पूर्ण करवा ली गई है।
इसके लिए फर्मों को कार्यादेश जारी किया गया है। अब अगले हफ्ते से बड़े नालों की साफ-सफाई शुरू होने की उम्मीद है। बताया गया कि हर साल बारिश के दौरान मेहंदीबाग, खजूरबाग, पठौरिया, नई बस्ती, तलैया मोहल्ला, शक्ति नगर, गुरुद्वारा मोहल्ला, गल्लामंडी रोड, केकेपुरी समेत कई इलाकों में जलभराव हो जाता है।
इस बार नगर निगम प्रशासन ने मई की शुरुआत में ही नालों की सफाई का काम शुरू कराने का निर्णय लिया है। हालांकि, बड़े नालों की निविदा प्रक्रिया के दौरान कई नालों की सफाई के लिए दूसरी बार भी टेंडर निकालना पड़ गया। ऐसे में छोटे नालों की सफाई तो नाला गैंग से शुरू करवा दी गई लेकिन बड़े नालों से सिल्ट आदि हटाने का काम अब तक चालू नहीं हो पाया है।
वहीं अमर उजाला ने शुक्रवार को महानगर के कई जगहों के नालों की पड़ताल की तो इलाइट चौराहा का नाला गंदगी से पटा मिला। अटल चौक के सामने से गुजरा नाले में भी सिल्ट जमा मिली। यही स्थिति जेल चौराहा से सदर बाजार, तालपुरा से ओरछा गेट जाने वाले मार्ग के नाले की नजर आई। इस मामले में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विनीत कुमार का कहना है कि बड़े नालों की भी निविदा प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। 31 जुलाई तक हर हाल में नाला सफाई का काम पूर्ण हो जाएगा।
नाला गैंग में एक तिहाई कम कर्मी मिल पा रहे
बताया गया कि नालों की सफाई के लिए लगभग डेढ़ सौ कर्मचारियों की जरूरत पड़ती है मगर इन दिनों 90 से 110 कर्मचारी ही मिल पा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि भीषण गर्मी के चलते पर्याप्त कर्मचारी नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में काम की रफ्तार पर भी असर पड़ रहा है।
जहां सीएम ग्रिड की सड़कें बन रहीं, वहां समस्या ज्यादा
नगर निगम की ओर से सीएम ग्रिड के तहत चार इलाकों में मॉडल सड़क बनाने का काम जारी है। बताया गया कि इसमें इलाइट से पहूज नदी, बीकेडी से चित्रा चौराहा वाली सड़क पर निर्माण कार्य चलने से पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बारिश के दौरान यहां जलभराव की समस्या झेलनी पड़ सकती है।
