महानगर के पॉश इलाकों में शामिल मिशन कंपाउंड में दिन में एक बार ही पानी आता है। इसके अलावा कहीं विद्युत खंभा टेढ़ा है, तो कहीं हैंडपंप खराब पड़ा हुआ है। क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभागों से यह समस्या दूर करने की मांग की है।
मिशन कंपाउंड महानगर के बीचों बीच स्थित इलाका है। यहां की आबादी करीब 15 हजार है। यहां सड़कों की स्थिति तो बेहतर है। कुछ स्थान छोड़ दें तो स्ट्रीट लाइट को लेकर समस्या नहीं है, लेकिन पेयजल व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि सुबह सात से आठ बजे के आसपास एक घंटे के लिए पानी आता है। करीब डेढ़ साल पहले सुबह-शाम पानी आता था। लेकिन, यहां की टंकी से कुछ और इलाकों को जोड़ने के बाद अब एक ही बार नल से जल मिल पा रहा है। यहां पर कुछ हैंडपंप भी खराब पड़े हैं। रेल पटरी की तरफ जाने पर विद्युत खंभा भी टेढ़ा हो जाने से गिरने का खतरा बना हुआ है। कुछ जगहों पर नालियों के ड्रेन कवर भी टूटे पड़े हैं।
इनका यह है कहना
नगर निगम के मुख्य अभियंता राजवीर सिंह का कहना है कि जहां भी ड्रेन कवर टूटे हैं, उनकी जल्द मरम्मत करवाई जाएगी।
यह बोले क्षेत्रवासी
सुबह आठ बजे के आसपास नल से पानी आता है। इसके बाद बोरिंग के पानी का इस्तेमाल करना पड़ता है, जो कि कठोर होता है। कुछ जगहों पर नलियों के ड्रेन कवर भी टूटे हैं। – आरती।
वार्ड में कई जगहों पर हैंडपंप खराब हैं। विद्युत खंभा टेढ़ा हो चुका है, जो कभी भी गिर सकता है। लगभग डेढ़ साल पहले दिन में दो बार पानी आता था, अब एक बार ही आता है। – अंकुर।
