विदेशों तक मीट का निर्यात करने वाली कंपनी अल-मर्जिया एग्रो फूड्स के भगंवतपुरा स्थित फैक्टरी में बृहस्पतिवार को जीएसटी टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए 50 लाख रुपये से भी अधिक की टैक्स चोरी पकड़ी है। टैक्स चोरी की यह रकम अभी बढ़ने की संभावना है। फैक्टरी में मांस को प्रोसेस करके विदेशों तक भेजा है। देर-रात तक भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जीएसटी अफसर कंपनी के टैक्स संबंधी दस्तावेजों की पड़ताल करते रहे। सर्वे कार्रवाई पर मुख्यालय स्तर से भी निगरानी हो रही थी।

ज्वाइंट कमिश्नर मनीष श्रीवास्तव व उपायुक्त पुनीत अग्निहोत्री की अगुवाई में दोपहर करीब 3:30 बजे जीएसटी टीम भगवंतपुरा स्थित स्लाटर हाउस पहुंची। झांसी में अल-मर्जिया एग्रो फूड्स फर्म पंजीकृत है। टीम के पहुंचते ही फैक्टरी में खलबली मच गई। टीम ने फैक्टरी के दरवाजे अंदर से बंद करा दिए। किसी को भी अंदर एवं बाहर नहीं जाने दिया गया। कर्मचारियों के मोबाइल फोन भी ले लिए गए। दस्ते ने आयात-निर्यात से जुड़ी फाइलों को खंगालना शुरू किया। शुरुआती जांच में ही बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां पाई गईं। लाखों रुपये की टैक्स चोरी उजागर हुई। जीएसटी अफसरों के मुताबिक गोपनीय इनपुट में कंपनी की ओर से गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों में बताया गया कि यहां क्षमता से कई गुना अधिक पशुओं का कटान होता है। उससे होने वाली आय को काफी कम करके दिखाया जाता है। विदेशों में मांस भेजने से होने वाली सही आय भी नहीं दिखाई जा रही थी। छानबीन के दौरान दस्ते ने कंप्यूटर हार्ड डिस्क समेत स्टॉक रजिस्टर, कच्चे-पक्के बिल समेत अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिया। छानबीन के दौरान कंपनी की ओर से दिखाए गए स्टॉक और मौके पर मिले स्टॉक में भारी अंतर मिला। आशंका जताई जा रही कि फर्जी तरीके से आईटीसी क्लेम करके वह हड़पी गई।

ज्वाइंट कमिश्नर मनीष श्रीवास्तव ने 50 लाख से अधिक की टैक्स चोरी किए जाने की बात कही है। जीएसटी अफसर देर रात तक जांच-पड़ताल में जुटे रहे। एडीशनल कमिश्नर डी के सचान ने बताया कि सर्वें की कार्रवाई चल रही है। जब्त किए गए दस्तावेजों और डेटा का मिलान किया जा रहा है।

जीएसटी के सवालों में फैक्टरी अफसर

अल-मर्जिया एग्रो फूड्स में बड़े पैमाने पर मांस प्रोसेसिंग का कार्य होता है। एसआईबी टीम ने जानवरों के मांस समेत पोल्ट्री फीड सप्लीमेंट, एमबीएम, चमड़ा आदि के स्टॉक की गहनता से जांच की। जीएसटी टीम ने फैक्टरी में कैंसिल फर्म से इनपुट टैक्स की प्राप्ति के संबंध में सवाल पूछे। फैक्ट्री में आने वाली गाड़ियों के अलावा पैकिंग के बाद भेजे जाने वाले माल के ई-बिल आदि की जानकारी मांगी। अफसरों ने बताया कि अल-मर्जिया फर्म स्लॉटर हाउस संचालित करती है। पशुओं को खरीदकर उनसे प्राप्त मीट व उप-उत्पादों की बिक्री की जाती है। फर्म से मीट का निर्यात ईरान, यूएई, सऊदी अरब और कतर सहित कई खाड़ी देशों में किया जाता है।



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